AISA अध्यक्ष नेहा बोरा दिल्ली पुलिस के Peace Bond नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचीं
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और दिल्ली पुलिस के बीच कानूनी विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। नेहा बोरा ने पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें उन्हें शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड देने का निर्देश दिया गया था।
पुलिस के नोटिस के मुताबिक, नेहा बोरा को ₹10,000 का व्यक्तिगत बॉन्ड और एक जमानतदार देने के लिए कहा गया था। उन्हें इस संबंध में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना था।
किस कानूनी प्रावधान के तहत नोटिस?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत जारी किया गया था। इसका उद्देश्य जांच की अवधि के दौरान शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तें लागू करना था।
नेहा बोरा ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए नोटिस को रद्द करने और पुलिस को उनके खिलाफ किसी तरह की coercive action लेने से रोकने की मांग की है।
नोटिस को बताया अनुचित
नेहा बोरा की ओर से दाखिल याचिका में पुलिस के नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी तरफ से यह दलील दी गई है कि नोटिस में लगाए गए आधार अस्पष्ट और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
याचिका में संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मिले अधिकारों का भी हवाला दिया गया है।
16 अक्टूबर को हिरासत में ली गई थीं
यह कानूनी कार्रवाई उस घटनाक्रम के बाद हुई है जब नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित ‘Lehra Do Tiranga’ मार्च में शामिल होने जाते समय preventive detention में लिया गया था। उन्हें 17 अक्टूबर को रिहा कर दिया गया था।
हाईकोर्ट में सुनवाई को लेकर स्थिति
नेहा बोरा की ओर से मामले में urgent hearing की मांग किए जाने की संभावना है। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट फिलहाल दशहरा अवकाश के कारण बंद है और 26 अक्टूबर को दोबारा खुलने की जानकारी सामने आई है।
इस मामले में अब नजर इस बात पर रहेगी कि हाईकोर्ट पुलिस के नोटिस पर क्या रुख अपनाता है।
