मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निमंत्रण पर जालंधर पहुंचे फ्लोरिस बोवेलैंडर ने पंजाब की हॉकी परंपरा की सराहना की।
डच हॉकी के महान खिलाड़ी फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर ने भारतीय हॉकी और पंजाब के बीच गहरे संबंधों की सराहना करते हुए कहा है कि पंजाब के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि हॉकी के प्रति पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का जुनून और उनका व्यक्तिगत निमंत्रण ही उन्हें जालंधर तक खींच लाया। बोवेलैंडर पंजाब में आयोजित ‘हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026’ के मुकाबले देखने के लिए जालंधर पहुंचे हैं।
1996 के अटलांटा ओलंपिक खेलों और 1990 के हॉकी विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले बोवेलैंडर ने पंजाब पहुंचने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की इस वर्ष अप्रैल में हुई नीदरलैंड यात्रा को भी याद किया और कहा कि मुख्यमंत्री का हॉकी के प्रति गहरा लगाव उनके लिए खास मायने रखता है।
मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत निमंत्रण ने किया प्रभावित
जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान बातचीत करते हुए फ्लोरिस बोवेलैंडर ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी भी हुई और गर्व भी महसूस हुआ कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें याद रखा और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह निमंत्रण हॉकी के प्रति उनके प्रेम और खेल से जुड़ाव को दर्शाता है। इसी आत्मीय निमंत्रण के कारण उन्होंने जालंधर आने का फैसला किया। बोवेलैंडर ने मुख्यमंत्री की अप्रैल में हुई नीदरलैंड यात्रा का जिक्र करते हुए उनके हॉकी के प्रति जुनून को भी याद किया।
भारत को बताया विश्व हॉकी का पावरहाउस
फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर ने भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला खेल बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने हॉकी को दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने और इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया है।
बोवेलैंडर का अंतरराष्ट्रीय हॉकी करियर अक्टूबर 1985 से अगस्त 1996 तक रहा। इस दौरान उन्होंने नीदरलैंड की ओर से 241 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और कुल 215 गोल किए। अपनी दमदार ड्रैग फ्लिक के लिए मशहूर इस खिलाड़ी को ‘फ्लॉप’, ‘फ्लॉपी’ और ‘बूम बूम बोवेलैंडर’ जैसे नामों से भी जाना जाता है।
उन्होंने ओलंपिक आंदोलन में एशियाई देशों, खासकर भारत और पाकिस्तान के योगदान की भी सराहना की। उनके मुताबिक, इन देशों ने दुनियाभर में हॉकी और ओलंपिक आंदोलन को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पंजाब के खिलाड़ियों से जुड़ी हैं भारतीय हॉकी की यादें
भारतीय हॉकी के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए बोवेलैंडर ने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल को नई पहचान दिलाने में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि भारतीय हॉकी से जुड़ी उनकी ज्यादातर यादें पंजाब के खिलाड़ियों, विशेष रूप से सिख खिलाड़ियों के साथ जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब भारतीय हॉकी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पंजाब के बिना भारतीय हॉकी अधूरी है। उनके इस बयान में भारतीय हॉकी में पंजाब के खिलाड़ियों की ऐतिहासिक भूमिका और योगदान की सराहना दिखाई दी।
पंजाब के 37 कोचों और युवा खिलाड़ियों के साथ किया प्रशिक्षण
जालंधर दौरे के दौरान फ्लोरिस बोवेलैंडर ने केवल टूर्नामेंट के मुकाबले ही नहीं देखे, बल्कि युवा हॉकी खिलाड़ियों के साथ समय बिताकर अपना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने पंजाब के 37 कोचों और पंजाब सरकार की देखरेख में संचालित सुरजीत हॉकी अकादमी के उभरते खिलाड़ियों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा लिया।
इस दौरान उन्होंने खुद हॉकी स्टिक पकड़कर हिट लगाए और खिलाड़ियों को ड्रैग फ्लिक का अभ्यास भी करवाया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों की तकनीक को समझते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर उन्हें खेल से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस प्रशिक्षण सत्र में खेल विभाग की ओर से ओलंपिक पदक विजेता गुरजंट सिंह, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जीवनजोत सिंह तेजा और हॉकी कोच अवतार सिंह भी मौजूद रहे।
पंजाब सरकार ने किया सम्मानित
पंजाब के खेल विभाग की ओर से हॉकी में शानदार योगदान के लिए फ्लोरिस बोवेलैंडर को सम्मानित भी किया गया। पंजाब में मिले प्यार और आत्मीय स्वागत से प्रभावित बोवेलैंडर ने टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों में भी शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई।
उन्होंने बताया कि वह 4 और 5 नवंबर को मोहाली स्थित ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबलों में भी शामिल होंगे।
बोवेलैंडर का यह दौरा युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ी से सीधे सीखने का अवसर बना। वहीं, उनके बयानों ने एक बार फिर भारतीय हॉकी में पंजाब के योगदान और हॉकी के प्रति राज्य की मजबूत परंपरा को रेखांकित किया।
