मोगा में ईडी की छापेमारी के दौरान आवासीय परिसर के मुख्य द्वार पर सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी।
पंजाब के मोगा में आम आदमी पार्टी की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी से सियासी माहौल गरमा गया है। बुधवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई में ईडी ने कुल सात परिसरों की तलाशी ली। इनमें विधायक के आवास, उनके पति डॉ. राकेश अरोड़ा से जुड़े परिसर, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के ठिकाने शामिल बताए गए हैं। विधायक के पति से जुड़े एक नशा मुक्ति अस्पताल में भी तलाशी लिए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था की गई और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता विरोध जताने के लिए पहुंच गए।
नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन की जांच
ईडी की जांच का संबंध मोगा जिले में सरकारी जमीन के कथित गलत इंतकाल और मुआवजे के अनुचित वितरण से बताया जा रहा है। यह जमीन नेशनल हाईवे-754A के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी।
मामले में पंजाब पुलिस ने 16 जून 2024 को एफआईआर दर्ज की थी। इसी प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की है।
एजेंसी का उद्देश्य कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करना तथा धन के प्रवाह का पता लगाना है।
2027 चुनाव में AAP ने फिर जताया भरोसा
अमनदीप कौर अरोड़ा मोगा से आम आदमी पार्टी की विधायक हैं। वह पंजाब में पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष भी हैं।
31 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इसमें डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा को मोगा से दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है। ऐसे में चुनाव से पहले हुई ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक चर्चा को और बढ़ा दिया है।
AAP कार्यकर्ताओं का विरोध, बीजेपी पर लगाए आरोप
छापेमारी की जानकारी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ता विधायक के ठिकानों के बाहर इकट्ठा हुए। उन्होंने कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
विधायक के कुछ करीबियों ने आरोप लगाया कि उन पर बीजेपी या शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में जलालाबाद के विधायक रमिंदर सिंह आवला के मामले का भी उल्लेख किया।
हालांकि, ये आरोप विधायक के करीबियों और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ईडी की कार्रवाई को किसी राजनीतिक दबाव से जोड़ने वाला कोई आधिकारिक निष्कर्ष भी सामने नहीं आया है।
तलाशी के दौरान तैनात रहा पुलिस बल
ईडी की कार्रवाई के दौरान मोगा में विधायक से जुड़े परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था की गई। उपलब्ध तस्वीर में एक आवासीय परिसर के मुख्य द्वार पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात दिखाई दे रहे हैं।
तलाशी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मौजूदगी रही। दूसरी तरफ पार्टी कार्यकर्ता कार्रवाई का विरोध करते रहे।
अब जांच के अगले कदम पर नजर
इस पूरे मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि ईडी की तलाशी के दौरान कौन-से दस्तावेज और अन्य साक्ष्य सामने आते हैं। एजेंसी की जांच कथित जमीन संबंधी अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित है।
वहीं, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता इस कार्रवाई को राजनीतिक नजरिये से देख रहे हैं। फिलहाल किसी भी आरोप को साबित हुआ नहीं माना जा सकता। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
