अयोध्या की तर्ज पर मानसी गंगा के सभी 21 घाटों पर होगा सामूहिक दीपदान।
तीर्थनगरी गोवर्धन में इस बार दीपावली का उत्सव खास होने जा रहा है। मानसी गंगा के सभी 21 घाटों पर एक साथ दीप जलाने की योजना बनाई गई है। नगर पंचायत की ओर से अयोध्या की तर्ज पर सामूहिक दीपदान का भव्य आयोजन कराया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस पहल का उद्देश्य मानसी गंगा से जुड़ी सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा को फिर से बड़े स्तर पर जीवंत करना है।
अब सिर्फ सूरज घाट तक सीमित नहीं रहेगा आयोजन
अब तक दीपावली पर नगर पंचायत की ओर से सूरज घाट पर दीपदान कराया जाता रहा है। मानसी गंगा के दूसरे घाटों पर श्रद्धालु और स्थानीय निवासी अपने स्तर पर दीप जलाते हैं। लेकिन सभी घाटों पर एक साथ सामूहिक आयोजन नहीं होने से वह भव्य दृश्य देखने को नहीं मिल पाता, जिसकी कल्पना श्रद्धालु करते हैं।
इस बार नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभादेवी शर्मा ने इस परंपरा को विस्तार देने का फैसला किया है। अब मानसी गंगा के सभी 21 घाटों को दीपों से सजाने की तैयारी है, जिससे पूरा तीर्थस्थल रोशनी से जगमगा उठेगा।
दीपावली पर लगता था गोवर्धन का प्रमुख मेला
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष लम्बरदार ने बताया कि दशकों पहले गोवर्धन का मुख्य मेला दीपावली और गोवर्धन पूजा पर ही लगता था। उस दौरान देश और विदेश से श्रद्धालु मानसी गंगा में दीपदान करने के लिए पहुंचते थे। इसके बाद अगले दिन गिरिराजजी की पूजा-अर्चना की जाती थी।
उन्होंने कहा कि मानसी गंगा में दीपदान की पुरानी परंपरा को फिर से भव्य रूप देने की कोशिश की जा रही है। इस बार आयोजन को सामूहिक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें।
सभी घाटों पर दिखेगा रोशनी का नजारा
नगर पंचायत की योजना के अनुसार, इस बार दीपावली पर मानसी गंगा के सभी 21 घाटों पर दीप जलाए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को एक साथ पूरे घाट क्षेत्र में दीपों की रोशनी देखने को मिलेगी। गोवर्धन की धार्मिक पहचान और दीपदान की परंपरा को प्रमुखता देने वाला यह आयोजन इस बार खास आकर्षण बन सकता है।
