तनुश्री दत्ता के बयान पर AICWA ने जताई नाराजगी।
बॉलीवुड से जुड़ा एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। तनुश्री दत्ता की ओर से नाना पाटेकर को लेकर इस्तेमाल किए गए ‘इविल डेड’ शब्दों पर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने अभिनेत्री के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अनुचित बताया है।
तनुश्री दत्ता के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विवाद के बीच AICWA के संस्थापक और अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर अभिनेत्री के शब्दों पर आपत्ति जताई।
AICWA ने क्यों जताई नाराजगी?
AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता के मुताबिक, नाना पाटेकर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सम्मानित कलाकारों में शामिल रहे हैं। उन्होंने अपने अभिनय के अलावा सामाजिक कार्यों के जरिए भी पहचान बनाई। गुप्ता ने कहा कि ऐसे समय में उनके लिए इस्तेमाल किए गए शब्द उचित नहीं हैं।
एसोसिएशन ने अपने बयान में भी तनुश्री दत्ता की टिप्पणी की निंदा की। गुप्ता ने अभिनेत्री पर इस मुद्दे के जरिए सुर्खियां बटोरने की कोशिश करने का आरोप लगाया। हालांकि, यह उनकी प्रतिक्रिया और आरोप हैं, जिन्हें विवाद के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
‘इंडस्ट्री का सम्मान बनाए रखना चाहिए’
AICWA अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के बारे में सार्वजनिक रूप से बोलते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। उनके अनुसार, किसी कलाकार के निधन से जुड़े संवेदनशील मौके पर इस तरह की टिप्पणी से परिवार और प्रशंसकों को ठेस पहुंच सकती है।
गुप्ता ने यह भी कहा कि नाना पाटेकर ने अपने काम के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाई और उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
तनुश्री दत्ता ने क्या सफाई दी?
विवाद बढ़ने के बाद तनुश्री दत्ता ने अपने बयान को लेकर सफाई दी। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने अपने निजी अनुभवों और उस दौर में झेली गई परिस्थितियों के आधार पर अपनी बात कही थी।
तनुश्री के मुताबिक, उनके मामले में कई साल तक कानूनी प्रक्रिया चली। उन्होंने दावा किया कि उन्हें दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा तथा केस वापस लेने के लिए भी दबाव बनाया गया। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिन परिस्थितियों से वह गुजरी हैं, उन्हें समझे बिना उनके बयान का आकलन करना सही नहीं है।
बयान को लेकर क्यों छिड़ी बहस?
इस पूरे मामले में एक तरफ AICWA ने अभिनेत्री की भाषा पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी तरफ तनुश्री दत्ता ने अपने अनुभवों का हवाला देते हुए अपनी टिप्पणी का बचाव किया है। फिलहाल विवाद का केंद्र उनके शब्दों का चयन और सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयान की उपयुक्तता है।
