दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दिन राहुल गांधी चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में CJP और वाम संगठनों के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी चेन्नई में मौजूद रहे। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठे। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी का चेन्नई दौरा छात्रों से जुड़े ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए निर्धारित था। इसी दौरान उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से भी मुलाकात की।
दिल्ली में प्रदर्शन, चेन्नई में राहुल गांधी का कार्यक्रम
10 अक्टूबर को दिल्ली में CJP और अन्य संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की और कई लोगों को हिरासत में लिया।
इसी दिन राहुल गांधी चेन्नई में कांग्रेस के छात्र संवाद कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ में शामिल हुए। उनके दौरे में मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात भी शामिल थी। ऐसे में दिल्ली में विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों की हिरासत के बीच उनका चेन्नई में होना चर्चा का विषय बन गया।
कांग्रेस ने CJP के प्रदर्शन से क्यों बनाई दूरी?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने CJP के प्रदर्शन में आधिकारिक तौर पर हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में संदेश दिया। इस घटनाक्रम से कांग्रेस के संगठनात्मक फैसले और विपक्षी दलों के बीच आंदोलन को लेकर रणनीति पर चर्चा शुरू हुई।
कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन में शामिल न होने के फैसले के पीछे किसी एक कारण को निश्चित रूप से बताने के लिए स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए राहुल गांधी की चेन्नई यात्रा को सीधे तौर पर प्रदर्शन से बचने की कोशिश कहना अभी तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।
चेन्नई में मुख्यमंत्री विजय से भी मिले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मुलाकात की और इसके बाद ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षा, NEET, तमिलनाडु के अधिकारों और परिसीमन जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
यह दौरा ऐसे समय हुआ जब दिल्ली में चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म था।
राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर सोशल मीडिया में चर्चा
दिल्ली के आंदोलन में कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की हिरासत की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के चेन्नई में होने को लेकर सवाल किए गए। कुछ पोस्ट में उनकी गैरमौजूदगी की आलोचना की गई, जबकि उनके समर्थकों ने उनके छात्र कार्यक्रम और प्रदर्शन के समर्थन में दिए गए संदेश का हवाला दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में संदेश दिया और कहा कि गिरफ्तारियों से आंदोलन पीछे नहीं हटेगा।
क्या था पूरे विवाद का मुद्दा?
CJP और अन्य संगठनों का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा था। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही और राजधानी में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए।
इस पूरे घटनाक्रम में दो अलग सवाल सामने आए—दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और कांग्रेस का आंदोलन में आधिकारिक रूप से शामिल न होना। राहुल गांधी की चेन्नई यात्रा पर उठे सवालों के बीच इन दोनों मुद्दों को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है।
