भगवंत मान ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के अंतिम चरण के तहत 23 जिलों में जागरूकता फैलाने वाली बाइक रैली शुरू की।
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को ऐतिहासिक चप्पड़चिड़ी की धरती से ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के अंतिम चरण की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने 23 जिलों में जागरूकता फैलाने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त करने के लिए सरकार के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
भगवंत मान ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाएं और युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा तथा खेलों की ओर प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि राज्य के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जुड़ना होगा।
चप्पड़चिड़ी से क्यों शुरू हुआ अभियान?
मुख्यमंत्री ने चप्पड़चिड़ी की ऐतिहासिक धरती का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थान बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के संघर्ष और अन्याय के खिलाफ लड़ाई की याद दिलाता है। उनके मुताबिक, उसी साहस और दृढ़ संकल्प के साथ पंजाब को नशे के खिलाफ लड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल पुलिस या सरकार के प्रयासों से खत्म नहीं हो सकती। इसके लिए परिवारों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और स्थानीय समुदायों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
23 जिलों में पहुंचेगा नशा विरोधी संदेश
‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के अंतिम चरण के तहत बाइक रैली पंजाब के सभी 23 जिलों में जागरूकता फैलाएगी। इसका उद्देश्य गांवों, कस्बों और शहरी इलाकों तक नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी पहुंचाना और लोगों को अभियान से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, रैली के साथ सुझाव और शिकायत पेटियां भी रखी जाएंगी। इनके माध्यम से लोग राज्य के विकास से जुड़े सुझाव दे सकेंगे और नशा तस्करी से संबंधित जानकारी साझा कर सकेंगे।
नशा तस्करों की जानकारी देने के लिए सेफ पंजाब हेल्पलाइन
भगवंत मान ने लोगों से अपील की कि नशा तस्करी से जुड़ी जानकारी निर्धारित ‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन के माध्यम से साझा करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी से नशे के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जाने का भी उल्लेख किया।
81 हजार से ज्यादा नशा तस्करों की गिरफ्तारी का दावा
मुख्यमंत्री ने अभियान के तहत हुई कार्रवाई के आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि 81,000 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उनके मुताबिक, कार्रवाई के दौरान 3,900 किलोग्राम हेरोइन और 983 किलोग्राम अफीम जब्त की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि नशा तस्करी के मामलों में दोषसिद्धि दर 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ये आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं; इन्हें प्रकाशित करने से पहले पंजाब पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों से मिलाना उचित होगा।
गांवों में 15 हजार रक्षा समितियां बनाने की बात
भगवंत मान के अनुसार, नशे के खिलाफ गांवों और वार्डों में लगभग 15,000 विलेज और वार्ड डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं। इन समितियों से करीब 1.25 लाख सदस्य जुड़े हुए हैं, जो नशा विरोधी स्वयंसेवकों के रूप में काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर 51,979 नागरिकों ने जानकारी साझा की, जिसके बाद 25,339 गिरफ्तारियां होने का दावा किया गया। समितियों से मिली जानकारी के आधार पर 4,000 से अधिक FIR और 5,000 गिरफ्तारियों का भी जिक्र किया गया।
नशा मुक्ति केंद्रों में मुफ्त इलाज और पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इलाज के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या एक साल में लगभग तीन गुना हुई है और 40,000 से अधिक मरीज इन केंद्रों में भर्ती किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने वाले युवाओं के पुनर्वास के लिए कौशल विकास और खेल प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां भी शुरू की गई हैं। मार्च 2025 से 21 जिलों के नशा मुक्ति केंद्रों में कौशल प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही गई।
70,885 सरकारी नौकरियों का भी किया जिक्र
भगवंत मान ने कहा कि युवाओं को रोजगार देना भी नशे के खिलाफ लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 70,885 सरकारी नौकरियां योग्यता के आधार पर प्रदान की हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’, मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक, सरकारी स्कूलों में सुधार और बेहतर सड़क सुविधाओं जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
युवाओं को खेलों से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को खेलों की तरफ प्रेरित करने से उन्हें सकारात्मक दिशा मिल सकती है। उन्होंने बताया कि खेलों के लिए 1,791 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है और 3,100 ग्रामीण खेल मैदानों तथा 3,000 जिम विकसित करने की पहल का जिक्र किया।
उन्होंने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन अलग-अलग उम्र के लोगों को खेलों से जोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पंजाब की खेल परंपरा और देश के लिए खिलाड़ियों के योगदान को भी याद किया।
पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के लिए फिल्म सिटी की योजना
भगवंत मान ने पंजाब में आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्वस्तरीय फिल्म सिटी बनाने की योजना का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से पंजाबी मनोरंजन उद्योग को मजबूती मिल सकती है और कलाकारों तथा फिल्म क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
कार्यक्रम में अभिनेत्री नीरू बाजवा और फिल्म ‘थापी’ की टीम के अभियान में शामिल होने का भी उल्लेख किया गया।
पंजाब को नशा मुक्त बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरुओं, संतों, शहीदों, खिलाड़ियों और वीर सैनिकों की धरती है। राज्य के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे से दूर रहने का संकल्प लें, जरूरतमंद लोगों को इलाज के लिए प्रोत्साहित करें और नशा तस्करी के खिलाफ कानूनी माध्यमों से जानकारी साझा करें।
