तिहाड़ जेल से पंजाब की जेल में स्थानांतरण की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।
जगतार सिंह हवारा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में स्थानांतरित किए जाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। हवारा की ओर से पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली जेल में भेजे जाने की मांग की गई है, जबकि सरकार की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई गई।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दिल्ली सरकार को इंटेलिजेंस ब्यूरो से राय लेने का निर्देश दिया है। अदालत ने इस मामले को संवेदनशील बताते हुए अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की।
हवारा को पंजाब जेल भेजने की मांग क्यों?
हवारा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल को रिहा करने की मांग नहीं की जा रही है। सिर्फ तिहाड़ से पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली जेल में स्थानांतरण की मांग है।
याचिका में हवारा की बुजुर्ग मां का भी हवाला दिया गया। अदालत को बताया गया कि उनकी मां 82 वर्ष की हैं और उनकी तबीयत गंभीर है।
सरकार ने ट्रांसफर का क्यों किया विरोध?
दिल्ली सरकार की ओर से एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने अदालत में हवारा के जेल रिकॉर्ड और पुराने मामलों का उल्लेख करते हुए सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने रखीं।
सरकार की दलील थी कि उच्च जोखिम वाले कैदियों को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने से सुरक्षा संबंधी खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा पंजाब सरकार ने भी राज्य में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई है।
सुरंग मामले का भी हुआ जिक्र
सुनवाई के दौरान हवारा से जुड़े चंडीगढ़ जेल सुरंग मामले का भी उल्लेख किया गया। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले में भी हवारा को दोषी ठहराया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुधार की संभावना को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति के व्यवहार में भविष्य में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन यह भी निश्चित नहीं कहा जा सकता कि भविष्य में कौन-सी परिस्थिति उसके व्यवहार को प्रभावित कर सकती है।
अदालत ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में राज्य सरकार की सलाह को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
अब IB की राय और संबंधित पक्षों की दलीलों के आधार पर मामले में आगे सुनवाई होगी।
