Bhagwant Mann speaking in Punjab Vidhan Sabha on SIR voter list issue
पंजाब में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विधानसभा में इस मुद्दे पर केंद्र और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए। चर्चा के बाद सदन ने SIR के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया।
‘हर पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहना चाहिए’
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी पात्र नागरिक को अपने मतदान अधिकार से वंचित न होना पड़े।
उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्वतंत्र जांच की जरूरत पर जोर दिया।
SIR को लेकर क्यों गरमाई राजनीति?
SIR का मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके तहत मतदाता सूचियों का व्यापक पुनरीक्षण किया जाता है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि ऐसी प्रक्रिया में पात्र नागरिकों के नाम हटने की आशंका को कैसे रोका जाएगा और किसी आपत्ति का निपटारा किस तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
‘वोट चोरी’ के आरोपों से सियासत गरमाई
अपने भाषण में CM मान ने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया और BJP पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों से जुड़े मतदाताओं के नाम हटाने और अपने पक्ष में वोट जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
नोट: ये मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
विधानसभा में ध्वनिमत से प्रस्ताव
SIR के मुद्दे पर पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे ध्वनिमत से पारित किए जाने की बात मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कही गई है।
मान ने कहा कि पंजाब लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा।
जांच और कार्रवाई की मांग
मुख्यमंत्री ने SIR प्रक्रिया की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उनका कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी फैसले में निष्पक्षता और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
ED-CBI पर भी केंद्र सरकार को घेरा
SIR के साथ-साथ CM मान ने अपने भाषण में ED और CBI जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने संवैधानिक और जांच संस्थाओं की स्वतंत्रता की आवश्यकता पर जोर दिया।
किसानों और संभावित व्यापार समझौतों का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र से जुड़े संभावित अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों पर असर डालने वाले किसी भी समझौते पर व्यापक चर्चा और पारदर्शी समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और युवाओं को प्रभावित करने वाले फैसलों में संबंधित पक्षों की भागीदारी की जरूरत बताई।
