Haryana Electricity Row: HERC के निजीकरण आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी सरकार
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के बाद अब पूरा विवाद HERC के निजी बिजली वितरण लाइसेंस और सरकारी बिजली निगमों के भविष्य को लेकर केंद्रित हो गया है।
गुरुग्राम और नूंह के कुछ क्षेत्रों में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के विरोध में हजारों बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल की। हड़ताल के दौरान कई जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
HERC के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि वह हरियाणा बिजली नियामक आयोग के इस फैसले के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाएगी। सरकार की ओर से मामले में कानूनी राय लेने के बाद उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी की जा रही है।
सरकार का कहना है कि सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निजी कंपनी को लाइसेंस देने का क्या है मामला?
विवाद का केंद्र गुरुग्राम और नूंह के कुछ क्षेत्रों में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस दिए जाने का फैसला है।
बिजली कर्मचारी संगठनों ने इस व्यवस्था का विरोध किया और इसे सरकारी बिजली वितरण कंपनियों के लिए चुनौती बताया। इसी मुद्दे को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया गया था।
हड़ताल से कई शहरों में बिजली संकट
हड़ताल का असर कई जिलों में बिजली आपूर्ति पर पड़ा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, पानीपत और रोहतक जैसे इलाकों में बिजली कटौती और आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आईं।
कुछ क्षेत्रों में बिजली के साथ-साथ पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई, क्योंकि जलापूर्ति व्यवस्था बिजली पर निर्भर है।
फरीदाबाद और रेवाड़ी में लोगों का प्रदर्शन
बिजली-पानी की समस्या से परेशान लोगों के सड़क पर उतरने की खबरें भी सामने आईं। स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की।
बिजली संकट के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा कारोबार और दूसरे कामकाज पर भी असर पड़ने की बात कही गई।
सरकार ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश दिए हैं। बिजली निगमों की फील्ड टीमों और तकनीकी कर्मचारियों को खराब लाइनों और अन्य समस्याओं को जल्द ठीक करने के लिए लगाया गया।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि बिजली निगमों को मजबूत रखने और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए जाएंगे।
अनिल विज ने भी रखी सरकार की स्थिति
बिजली विवाद के बीच कैबिनेट मंत्री अनिल विज की ओर से भी सरकार की स्थिति स्पष्ट किए जाने की बात सामने आई है। सरकार का जोर सरकारी बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और पूरे मामले में कानूनी विकल्प तलाशने पर है।
अब हाईकोर्ट में क्या होगा?
यदि सरकार HERC के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देती है, तो आगे की कानूनी प्रक्रिया में यह तय होगा कि संबंधित लाइसेंस व्यवस्था को लेकर क्या स्थिति बनती है।
फिलहाल हड़ताल खत्म हो चुकी है, लेकिन हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण का विवाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर आगे भी चर्चा में रहने की संभावना है।
