भगवंत मान का BJP पर हमला, पंजाब के अधिकारों पर बड़ा बयान
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने BJP पर पंजाब के अहम मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है।
मान ने Panjab University Chandigarh, राज्य के पानी और केंद्र से मिलने वाले वित्तीय बकाये का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पंजाब के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
Panjab University और पानी पर सियासत तेज
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि BJP पंजाब के लोगों से वोट मांगते हुए राज्य के महत्वपूर्ण संस्थानों और संसाधनों को लेकर साजिश कर रही है।
उन्होंने Panjab University को पंजाब की विरासत और पहचान से जुड़ा संस्थान बताया। वहीं पानी को पंजाब की खेती और किसानों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ मुद्दा बताया।
मान ने कहा कि पंजाब ने देश की खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ा योगदान दिया है, इसलिए राज्य के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।
केंद्र से फंड को लेकर उठाए सवाल
भगवंत मान ने Rural Development Fund (RDF) और VAT के बकाये को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि करीब साढ़े चार साल से इनसे जुड़े फंड लंबित हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य को उसके हिस्से का पैसा मिलने से ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों को गति मिल सकती है।
‘पंजाब अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा’
मान ने कहा कि पंजाब अपने वैध अधिकारों और वित्तीय हिस्से के लिए आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दबाव या चुनावी समीकरण के कारण राज्य के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
ड्रग्स के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने पंजाब के ड्रग्स संकट को लेकर अकाली दल और BJP पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों के पिछले शासन के दौरान नशे की समस्या ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया।
मान ने दोनों दलों के संभावित राजनीतिक साथ आने को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि राजनीतिक गठजोड़ से जनता के सामने पुराना रिकॉर्ड नहीं बदल जाता।
AAP के समर्थन का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का समर्थन आम आदमी पार्टी के साथ बना हुआ है और विपक्ष इसी वजह से परेशान है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम लोगों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
‘पंजाब का हित सबसे ऊपर’
भगवंत मान ने कहा कि राज्य के पानी, संस्थानों और वित्तीय अधिकारों को राजनीतिक सौदेबाजी का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने देश के लिए बड़ा योगदान दिया है और राज्य को उसके अधिकार, सम्मान और न्याय मिलना चाहिए।
