सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने की मांग, मद्रास HC का नोटिस
पत्रकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास को लेकर कानूनी विवाद सामने आया है। उनके सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इस मामले में अदालत ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और संबंधित संस्थानों समेत कई पक्षों को नोटिस जारी किया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सौरव दास सोशल मीडिया पर न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। इसी आधार पर उनके Instagram और X अकाउंट को ब्लॉक करने की मांग की गई है।
सौरव दास के खिलाफ याचिका में क्या-क्या मांगा गया?
कांचीपुरम निवासी गणेश कुमार की ओर से दाखिल याचिका में सौरव दास की पहचान और बैकग्राउंड की विस्तृत जांच कराने की अपील की गई है।
याचिकाकर्ता ने संबंधित सरकारी अधिकारियों को उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द करने तथा मामले में जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग भी की है।
इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से उनके सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने की अपील की गई है।
X और Instagram के अधिकारियों को भी मिला नोटिस
मद्रास हाई कोर्ट की पीठ ने इस मामले में केवल सरकारी विभागों को ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के शिकायत अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया है।
नोटिस पाने वालों में चेन्नई के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, UIDAI के अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं।
X और Instagram के शिकायत अधिकारियों को भी इस मामले में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
अदालत में वकील ने उठाया न्यायपालिका के सम्मान का मुद्दा
याचिकाकर्ता के वकील बी. जगन्नाथ ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि सौरव दास की कथित टिप्पणियों को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई थी।
उनका कहना था कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद अदालत का रुख करना पड़ा। वकील ने सौरव दास के न्यायपालिका को लेकर दिए गए कथित बयानों पर आपत्ति जताई।
मद्रास HC ने छह सप्ताह का दिया समय
30 अक्टूबर को चीफ जस्टिस एस.ए. धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने मामले में नोटिस जारी किया। अदालत ने संबंधित प्रतिवादियों को छह सप्ताह के अंदर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
अब सभी संबंधित पक्षों के जवाब के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी। फिलहाल अदालत ने याचिका में की गई मांगों पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।
क्या बंद होंगे सौरव दास के सोशल मीडिया अकाउंट?
इस मामले में सबसे अहम सवाल सौरव दास के X और Instagram अकाउंट को लेकर है। याचिकाकर्ता ने इन अकाउंट को ब्लॉक करने की मांग की है, लेकिन फिलहाल यह केवल याचिका में की गई मांग है।
अदालत की ओर से नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने या पासपोर्ट-आधार रद्द करने का आदेश दे दिया गया है। अब संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
