मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत पंजाब की 37.43 लाख से अधिक महिलाओं को 1,291 करोड़ रुपये की सहायता राशि मिली।
अबोहर, 1 नवंबर: पंजाब की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत राज्य सरकार ने 1,291 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अबोहर में आयोजित कार्यक्रम में जानकारी देते हुए बताया कि इस चरण में 37.43 लाख से अधिक माताओं और बहनों को योजना का लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस योजना के माध्यम से पंजाब की एक करोड़ महिलाओं तक पहुंचना चाहती है। अब तक 80.05 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से मिलेगा और एक ही परिवार की एक से अधिक महिलाएं भी इसका फायदा उठा सकेंगी।
भगवंत मान के अनुसार, इस योजना पर हर साल 12 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने इसे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें अपने फैसले खुद लेने में सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भुगतान का पूरा ब्यौरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि इससे पहले 76.35 लाख महिलाओं को 2,643.71 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। अब 1,291 करोड़ रुपये के नए भुगतान के साथ कुल वितरित राशि 3,934.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
महिलाओं को मिलने वाली अगली सहायता राशि के बारे में उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर को अगली किस्त जारी की जाएगी। इसके बाद 1 जनवरी को पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में तीन महीने की सहायता राशि एक साथ जमा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के लिए नए साल के उपहार के रूप में पेश किया।
पंजीकरण प्रक्रिया को सफल बनाने में जुटी जमीनी स्तर की टीमों की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि 1,37,723 सत्कार सखियां महिलाओं के पंजीकरण में मदद कर रही हैं। उनके लिए 51.30 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी 25 करोड़ रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की अन्य योजनाओं और विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 54 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं और आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है।
रोजगार के संबंध में भगवंत मान ने दावा किया कि राज्य में अब तक 70,685 सरकारी नौकरियां योग्यता के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नियुक्तियों में पैसे और राजनीतिक सिफारिश की व्यवस्था को खत्म करने का प्रयास किया है। इसके अलावा टोल प्लाजा बंद करने से लोगों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत होने की बात भी कही।
शिक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के 80 विद्यार्थी नीट परीक्षा में सफल हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 882 हो गया। उन्होंने स्कूल ऑफ एमिनेंस और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शिक्षा सुधार की प्रमुख पहल बताया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों की ओर आकर्षित करने के लिए राज्य में 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। गांवों के विकास के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब के 1,587 गांवों में पहली बार नहरी पानी खेतों तक पहुंचा है। वर्ष 2022 में जहां 20.89 लाख एकड़ भूमि को नहरी पानी मिलता था, वहीं अब यह क्षेत्र बढ़कर 60.30 लाख एकड़ हो गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके अलावा 45 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और सुधार का काम भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा पर राजनीतिक निशाना भी साधा। उन्होंने विपक्षी दलों पर पंजाब की सत्ता हासिल करने के लिए राजनीति करने का आरोप लगाया। कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और अकाली दल के नेतृत्व को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। साथ ही कहा कि आम आदमी पार्टी वर्ष 2027 में जनता के बीच अपने काम और विकास के मुद्दे लेकर जाएगी।
भगवंत मान ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य सरकारी खजाने के पैसे को शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़कों, सिंचाई और जनकल्याण पर खर्च करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और हर परिवार तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने के लिए योजनाएं जारी रहेंगी।
