पंजाब में चिट्टा और ड्रग्स के मुद्दे पर बयान देते गृह मंत्री अमित शाह
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। शाह ने सवाल किया कि आखिर ड्रग्स की पुड़िया पंजाब के युवाओं तक कैसे पहुंच रही हैं, जबकि राज्य में नशा खत्म करने के वादे किए गए थे।
अमित शाह ने पंजाब के गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पंजाब की स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि लोगों से बातचीत के दौरान सामने आई बातें बेहद परेशान करने वाली थीं।
विक्रमजीत सिंह, गुलजार सिंह और परविंदर झोटा के परिवारों से मिले
अमित शाह ने अपने दौरे के दौरान तीन लोगों का जिक्र किया, जिनमें गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर सिंह झोटा शामिल हैं। शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ संघर्ष से जुड़े इन मामलों में परिवारों को गहरा दुख झेलना पड़ा है।
गृह मंत्री ने कहा कि वह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं और कई पीड़ित परिवारों से मिल चुके हैं। हालांकि, पंजाब में नशे से प्रभावित लोगों की बातें सुनकर उन्हें बेहद दुख हुआ।
AAP सरकार को शाह की नसीहत
अमित शाह ने पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे का कारोबार खत्म करने के वादे किए गए थे, लेकिन इस समस्या को लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शाह ने राज्य सरकार से पूछा कि नशे की सप्लाई रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और ड्रग्स युवाओं तक पहुंचने से क्यों नहीं रुक रही हैं।
2029 तक नशा मुक्त पंजाब बनाने का लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने ड्रग्स माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश देते हुए कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों को ढूंढकर निकाला जाएगा।
शाह ने यह भी कहा कि पंजाब के हर जिले में नशे के नेटवर्क की समस्या है। उनके मुताबिक, इस चुनौती से निपटने के लिए नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर 20,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त किए जाने की बात कही। उन्होंने नशे के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए इस समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत पर जोर दिया।
पंजाब में चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी का मुद्दा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना हुआ है। अमित शाह के बयान से राज्य सरकार पर नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, नशा मुक्त पंजाब का लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकारी कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम, जागरूकता और नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
