Bhagwant Mann Flags Off Shobha Yatra in Dhuri on Maharishi Valmiki Jayanti
महार्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को धूरी में आयोजित भव्य शोभायात्रा में हिस्सा लिया। गांधी बस्ती में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और महार्षि भगवान वाल्मीकि जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महार्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए बेहद प्रासंगिक हैं। उनके विचार सत्य, न्याय, समानता, मानवता और सदाचार का रास्ता दिखाते हैं।
धूरी में गूंजा समानता और भाईचारे का संदेश
शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान गुरुओं, संतों, पीरों और महान आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती ने हमेशा भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं और यही पंजाब की सबसे बड़ी ताकत है।
CM Mann ने कहा कि पंजाब में नफरत के बीज नहीं पनप सकते और समाज को आपसी प्रेम, सम्मान तथा भाईचारे के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
रामायण के जरिए मानवता का संदेश
मुख्यमंत्री ने महार्षि भगवान वाल्मीकि जी को संस्कृत साहित्य का महान स्तंभ और आदि कवि बताते हुए कहा कि उनके द्वारा रचित रामायण में सत्य, धर्म, कर्तव्य, करुणा और आदर्श जीवन का संदेश मिलता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक और तेजी से बदलती दुनिया में भी इन मूल्यों की जरूरत कम नहीं हुई है। समाज में हर व्यक्ति के सम्मान और समानता को मजबूत करना जरूरी है।
CM Mann ने शिक्षा को बताया सामाजिक बदलाव की कुंजी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि इस साल पंजाब के सरकारी स्कूलों से 882 विद्यार्थियों ने NEET क्वालिफाई किया, जबकि 2021 में यह संख्या केवल 80 थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव बताता है कि अगर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित अवसर मिलें तो वे देश की कठिन से कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर सकते हैं।
गरीब परिवारों के बच्चों की सफलता का किया जिक्र
भगवंत मान ने कहा कि NEET में सफल होने वाले कई विद्यार्थी ऐसे परिवारों से आते हैं जिनके माता-पिता रिक्शा चलाते हैं, छोटी दुकानें चलाते हैं या सब्जियां बेचकर अपना घर चलाते हैं।
उन्होंने कहा कि इन बच्चों की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी आर्थिक वर्ग तक सीमित नहीं है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, शिक्षा के माध्यम से एक बच्चे का भविष्य बदलने के साथ-साथ पूरे परिवार की दिशा बदली जा सकती है।
शिक्षा से खत्म होगी गरीबी: CM Mann
CM Mann ने कहा कि गरीबी से स्थायी रूप से बाहर निकलने का सबसे मजबूत माध्यम शिक्षा है। सरकारी योजनाएं जरूरतमंद लोगों को तत्काल मदद दे सकती हैं, लेकिन अच्छी शिक्षा बच्चों को आत्मनिर्भर बनने और सम्मानजनक करियर बनाने का अवसर देती है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि आज का शिक्षित बच्चा भविष्य में अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बदल सकता है।
छात्रवृत्ति और वंचित वर्गों के अवसरों पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने पिछली सरकारों पर छात्रवृत्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया था।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई सिर्फ आर्थिक कमजोरी की वजह से न रुके।
श्रद्धालुओं का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा में शामिल हुए लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों की भागीदारी का उल्लेख किया।
उन्होंने लोगों से महार्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और समाज में समानता, भाईचारा, मानवता तथा आपसी सम्मान को मजबूत करने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं को महार्षि भगवान वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दीं।
