अमित शाह ने SIR के मुद्दे पर संसद में बहस कराने की चुनौती दी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए संसद में खुली चर्चा की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस विषय पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है। राहुल गांधी को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विशेष सत्र की मांग करनी चाहिए। सरकार इस मुद्दे पर पूरी चर्चा कराने को तैयार है।
करनाल की सभा में राहुल गांधी पर सीधा निशाना
अमित शाह गुरुवार को हरियाणा के करनाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर रखा।
शाह ने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में SIR का मुद्दा नहीं था, इसके बावजूद कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार मिल रही हार के बाद राहुल गांधी अब चुनाव आयोग और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
600 जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने का दावा
गृह मंत्री ने बताया कि भाजपा ने 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर में अभियान चलाया। उनके अनुसार, इस दौरान 600 जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया गया। शाह ने दावा किया कि इन कार्यक्रमों को लोगों का अच्छा समर्थन मिला।
उन्होंने हरियाणा के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को सत्ता में वापसी की उम्मीद थी, लेकिन राज्य की जनता ने भाजपा को लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का अवसर दिया। उन्होंने महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार और असम सहित अन्य राज्यों के चुनावों का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी संसद में चर्चा नहीं होने देते और सदन की कार्यवाही के दौरान हंगामा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विरोध के बाद सड़कों पर भीड़ जुटाकर अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
शाह ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है। भाजपा विपक्ष के आरोपों का जवाब संसद, विधानसभा और जनता के बीच हर जगह देगी।
मतदाता सूची की गड़बड़ियों को लेकर किए दावे
SIR की जरूरत बताते हुए अमित शाह ने कहा कि मतदाता सूची को सही और व्यवस्थित रखना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि सूची में मृत लोगों के नाम, दूसरे राज्यों या स्थानों पर जा चुके मतदाताओं के नाम और एक से अधिक जगह दर्ज नाम शामिल हैं।
शाह ने ऐसी विसंगतियों से जुड़े करीब 10 करोड़ नामों का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने लगभग तीन करोड़ लोगों के सत्यापन के लिए सामने नहीं आने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों में घुसपैठिए भी शामिल हो सकते हैं और विपक्ष उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा है।
घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य घुसपैठियों की पहचान करना, मतदाता सूची से उनके नाम हटाना और उन्हें देश से बाहर करना है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह घुसपैठियों के पक्ष में अभियान चला रही है।
अमित शाह ने इसे वोट बचाने के बजाय घुसपैठियों को बचाने की राजनीति बताया। यह टिप्पणी उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए की।
बूथ स्तर पर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल
अमित शाह ने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को बूथ स्तर पर प्रतिनिधि नियुक्त करने की सुविधा दी थी। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसके प्रतिनिधियों ने मतदाता सूची की जांच के दौरान कथित गड़बड़ियों को सामने क्यों नहीं रखा।
उन्होंने उम्र और परिवार से जुड़ी कथित त्रुटियों के उदाहरण देते हुए कहा कि मतदाता सूची में गलतियों को सुधारना आवश्यक है।
भाजपा के कई बड़े नेता रहे मौजूद
करनाल की जनसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्मृति ईरानी सहित कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अमित शाह ने सभा की शुरुआत भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारों के साथ की।
