नाना पाटेकर के निधन के बाद चर्चा में आया उनका परिवार और निजी जीवन।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और समाजसेवी नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है। 75 साल की उम्र में उनके निधन के बाद अब उनके फिल्मी करियर के साथ-साथ उनके निजी जीवन और परिवार से जुड़ी बातें भी चर्चा में हैं।
नाना पाटेकर ने अपने अभिनय से हिंदी और मराठी सिनेमा में खास पहचान बनाई। पर्दे पर अपनी दमदार अदाकारी के लिए मशहूर नाना का निजी जीवन काफी सादगी भरा रहा।
नाना पाटेकर की शादी किससे हुई थी?
नाना पाटेकर ने साल 1978 में नीलकांति पाटेकर से शादी की थी। शादी के कुछ वर्षों बाद दोनों के रिश्ते में दूरी आ गई और वे अलग रहने लगे। हालांकि, नाना पाटेकर ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा मीडिया की सुर्खियों से दूर रखने की कोशिश की।
नीलकांति पाटेकर का नाम नाना के जीवन के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने आता है। दोनों के रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से बहुत ज्यादा चर्चा नहीं हुई।
कौन हैं नाना पाटेकर के बेटे मल्हार?
नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर के बेटे का नाम मल्हार पाटेकर है। मल्हार फिल्म निर्माण और निर्देशन से जुड़े रहे हैं।
मल्हार को अपने पिता की तरह फिल्मों में काम करने का अनुभव रहा है, हालांकि उन्होंने अभिनय के बजाय पर्दे के पीछे के काम से जुड़ना पसंद किया।
नाना पाटेकर के एक बेटे की कम उम्र में हुई थी मौत
नाना पाटेकर के परिवार पर एक बेहद दुखद घटना भी गुजरी थी। उनके एक बेटे दुर्वासा पाटेकर का बीमारी के कारण बेहद कम उम्र में निधन हो गया था।
बताया जाता है कि दुर्वासा की मौत करीब ढाई साल की उम्र में हुई थी। इस घटना ने नाना और उनके परिवार को गहरा सदमा दिया था।
नाना पाटेकर के माता-पिता कौन थे?
नाना पाटेकर के पिता का नाम गजानंद पाटेकर था। वे टेक्सटाइल कारोबार से जुड़े हुए थे। नाना का बचपन महाराष्ट्र में एक सामान्य परिवार में बीता।
उनकी मां का नाम निर्मला पाटेकर था। जनवरी 2019 में 99 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।
नाना पाटेकर के भाई कौन हैं?
नाना पाटेकर के परिवार में उनके भाई अशोक पाटेकर और दिलीप पाटेकर का भी जिक्र मिलता है। नाना का शुरुआती जीवन एक साधारण पारिवारिक माहौल में गुजरा और आगे चलकर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।
अभिनय के साथ समाजसेवा में भी आगे रहे नाना
नाना पाटेकर सिर्फ फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते रहे। महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में उन्होंने जल संरक्षण और किसानों से जुड़े मुद्दों पर काम किया।
नाम फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, वॉटरशेड मैनेजमेंट और किसानों के परिवारों की मदद जैसे कार्यों में योगदान दिया।
नाना पाटेकर के निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उनके सामाजिक कार्यों को याद किया और उन्हें संवेदनशील कलाकार एवं समाजसेवी बताया।
नाना पाटेकर की जिंदगी में जहां फिल्मों की सफलता रही, वहीं निजी जीवन में उन्होंने कई मुश्किल दौर भी देखे। यही वजह है कि उनके प्रशंसकों के लिए उनका जीवन सिर्फ एक अभिनेता की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, संवेदना और समाजसेवा से जुड़ी कहानी भी है।
