₹10,000 के अग्रिम की वापसी दिसंबर 2026 से पांच समान मासिक किस्तों में होगी।
पंजाब सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले ₹10,000 के ब्याज मुक्त त्योहार अग्रिम की घोषणा की है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, इस योजना के दायरे में लगभग 34,604 कर्मचारी आ सकते हैं। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
हालांकि, कर्मचारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि ₹10,000 की राशि वापस करनी होगी। इसकी वसूली पांच समान मासिक किस्तों में वेतन से की जाएगी।
₹20 करोड़ का बजट, लेकिन कुल राशि ₹34.60 करोड़ से ज्यादा
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दूसरी ओर, यदि सभी 34,604 पात्र कर्मचारी ₹10,000 का पूरा अग्रिम लेते हैं, तो कुल राशि ₹34.604 करोड़ होगी।
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बजट में किए गए प्रावधान और सभी कर्मचारियों द्वारा योजना का पूरा लाभ लेने की स्थिति में आवश्यक कुल राशि अलग-अलग हैं। वास्तविक खर्च इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने कर्मचारी अग्रिम लेते हैं।
हर महीने वेतन से कटेंगे ₹2,000
सरकार की घोषणा के अनुसार, अग्रिम राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। इसके भुगतान की शर्तें इस प्रकार हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रति कर्मचारी अग्रिम | ₹10,000 |
| लाभार्थियों की अनुमानित संख्या | 34,604 |
| ब्याज दर | 0% |
| भुगतान की वापसी | 5 समान मासिक किस्तें |
| हर महीने की किस्त | ₹2,000 |
| वेतन कटौती की शुरुआत | दिसंबर 2026 |
| कोषागार से राशि निकालने की समयसीमा | 6 नवंबर 2026 |
इस व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों को शुरुआत में पूरी राशि मिलेगी, लेकिन दिसंबर से पांच किस्तों के माध्यम से इसकी वसूली होगी।
त्योहार अग्रिम लेने से पहले कर्मचारी क्या जानें?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक कर्मचारियों को अपने विभाग से पात्रता, आवेदन या अनुरोध की प्रक्रिया और भुगतान की शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए। केवल घोषणा के आधार पर यह मान लेना उचित नहीं होगा कि हर कर्मचारी के खाते में राशि अपने-आप आ जाएगी।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस पहल को कर्मचारी कल्याण से जुड़ा कदम बताया है। सरकार की घोषणा का उद्देश्य ग्रुप-डी कर्मचारियों को त्योहार के खर्चों के लिए अस्थायी वित्तीय सहायता देना है।
