CJP प्रदर्शन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था पर दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस।
CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष सामने रखा है। दिल्ली पुलिस की DCP PRO नेहा यादव ने कहा कि संगठन को पहले प्रदर्शन के लिए कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी, लेकिन पुलिस के मुताबिक, उन शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसी वजह से 11 अक्टूबर 2026 के प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई।
CJP को प्रदर्शन की इजाजत क्यों नहीं मिली?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए आयोजकों को पहले से अनुमति लेनी होती है, ताकि सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जा सके। पुलिस ने कहा कि CJP की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए जानकारी देर से दी गई और पुराने प्रदर्शन के दौरान निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।
पुलिस ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का फैसला लिया गया।
पुराने प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने आरोप लगाया कि CJP के पहले के प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पथराव और आगजनी जैसी घटनाएं हुई थीं। पुलिस के मुताबिक, पहले दिए गए आश्वासनों और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन न होने के कारण इस बार अनुमति देने पर विचार करते समय इन घटनाओं को भी ध्यान में रखा गया।
ये पुलिस के आरोप हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्यों के रूप में नहीं, बल्कि पुलिस के आधिकारिक पक्ष के तौर पर देखा जाना चाहिए।
अभिजीत दीपके की हिरासत पर भी दी सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में DCP PRO नेहा यादव ने CJP नेता अभिजीत दीपके की हिरासत को लेकर भी पुलिस का पक्ष रखा। पुलिस ने बताया कि दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी मिलने के बाद परिवार तक पहुंचने के लिए यात्रा की व्यवस्था करने की पेशकश की गई थी।
पुलिस की ओर से जारी वीडियो में एक अधिकारी को बस, ट्रेन या विमान से यात्रा की व्यवस्था करने की पेशकश करते हुए सुना जा सकता है। पुलिस ने कहा कि मानवीय आधार पर सहायता देने की कोशिश की गई थी। वहीं, दीपके ने हिरासत के दौरान फोन और वकील से संपर्क करने की सुविधा नहीं मिलने के आरोप लगाए हैं।
CJP प्रदर्शन को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और कुछ नेताओं को हिरासत में लिया गया।
दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब विवाद के दोनों पक्षों के दावों पर चर्चा हो रही है। मामले से जुड़े आरोपों और पुलिस के जवाब को समझने के लिए आधिकारिक बयानों और उपलब्ध वीडियो की पूरी जानकारी देखना जरूरी है।
