राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं के साथ जंतर-मंतर विवाद और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं को किसी भी समय आंदोलन के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि जरूरत पड़ने पर 24 घंटे के नोटिस पर भी आंदोलन शुरू किया जा सकता है। जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के दर्जे से हटाने के फैसले को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो गया है।
राहुल गांधी ने संकेत दिया कि लोकतंत्र, चुनावी निष्पक्षता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं के साथ बनाई रणनीति
जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी ने अपने 5, सुनेहरी बाग स्थित आवास पर विपक्षी नेताओं, छात्र कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान जंतर-मंतर से जुड़े विवाद और आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव, डी. राजा, एमए बेबी, महुआ मोइत्रा, सागरिका घोष और शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत समेत कई नेताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
‘संस्थाएं साथ दें या नहीं, संघर्ष जारी रहेगा’
राहुल गांधी ने न्यायिक संस्थाओं के प्रति सम्मान जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि लोकतंत्र की रक्षा में संस्थाएं अपनी भूमिका निभाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष का संघर्ष किसी एक संस्था के फैसले पर निर्भर नहीं रहेगा।
उनके संदेश का मुख्य जोर राजनीतिक दलों, छात्रों और नागरिक समाज के बीच समन्वय बनाकर आंदोलन जारी रखने पर रहा।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर सियासत तेज
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े सवालों पर जवाब मिलना चाहिए। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक रुख भी महत्वपूर्ण है।
इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और अपनी मांगें रखने की कोशिश की। इस घटनाक्रम के बाद विरोध प्रदर्शन के अधिकार को लेकर बहस और तेज हो गई है।
जंतर-मंतर को लेकर तेज हुआ विवाद
विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के दर्जे से हटाने के फैसले की आलोचना की है। RJD नेता तेजस्वी यादव ने इसे सरकार के विरोध की आवाजों को लेकर रवैये से जोड़ा, जबकि CPI नेता डी. राजा ने जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल बनाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
विपक्षी दलों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। वहीं, इस मामले में सरकारी आदेश और लागू नियमों की वास्तविक स्थिति को आधिकारिक दस्तावेजों से समझना जरूरी है।
अब आगे क्या करेगा INDIA ब्लॉक?
बैठक के बाद विपक्ष की आगे की रणनीति पर नजर रहेगी। नेताओं ने जंतर-मंतर से जुड़े फैसले को स्वीकार नहीं करने और आने वाले दिनों में मार्च या विरोध कार्यक्रम करने पर चर्चा की है।
हालांकि, अगले प्रदर्शन की तारीख, स्थान और औपचारिक कार्यक्रम की पुष्टि होने के बाद ही उसकी जानकारी निश्चित रूप से दी जा सकती है।
