मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड सुनाया।
Meerut Blue Drum Case: मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गईं मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को जिला अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। फैसला सुनाए जाने के दौरान दोनों भावुक होकर रोने लगे।
कोर्ट में सुनाई गई मौत की सजा
मेरठ जिला अदालत में सजा पर सुनवाई के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष ने मामले को बेहद गंभीर और जघन्य अपराध बताते हुए कड़ी सजा की मांग की थी। अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
सजा सुनते ही रोने लगे मुस्कान और साहिल
फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों दोषी भावुक हो गए। जेल प्रशासन के मुताबिक दोनों को जब मृत्युदंड की जानकारी मिली तो वे रोने लगे और कुछ समय तक शांत रहे। उनके पास आगे हाई कोर्ट में अपील करने का कानूनी विकल्प भी मौजूद है।
जज ने महाभारत और गीता का दिया उदाहरण
फैसला सुनाते समय अदालत की ओर से महाभारत और गीता के संदर्भ का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक जज ने कहा कि जघन्य अपराध करने वालों को दंड देना भी न्याय और धर्म का हिस्सा है।
क्या था पूरा नीला ड्रम हत्याकांड?
सौरभ राजपूत की हत्या मार्च 2025 में हुई थी। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में छिपाया गया और उसे सीमेंट से सील किया गया था। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी।
126 सुनवाइयों के बाद आया फैसला
इस केस की सुनवाई लंबे समय तक चली। रिपोर्टों के अनुसार अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए और करीब 126 तारीखों के बाद दोनों को दोषी ठहराया गया। इसके बाद 14 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया।
सौरभ के परिवार ने फैसले को बताया न्याय
फैसले के बाद सौरभ राजपूत के परिवार की ओर से संतोष जताया गया। परिवार लंबे समय से कड़ी सजा की मांग कर रहा था। अदालत के फैसले के बाद परिजनों ने इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया।
अब आगे क्या होगा?
मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी कानूनी प्रक्रिया समाप्त नहीं होती। दोषियों के पास हाई कोर्ट में अपील करने का विकल्प है। इसके बाद मामला आगे की न्यायिक प्रक्रिया में जा सकता है।
