मल्हार पाटेकर, नाना पाटेकर और तनुश्री दत्ता से जुड़ी खबर
बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके परिवार से जुड़ी कई बातें चर्चा में हैं। इसी बीच उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने एक इंटरव्यू में परिवार, पिता के आखिरी दिनों और अभिनेत्री तनुश्री दत्ता से जुड़े पुराने विवाद पर अपनी बात रखी है।
मल्हार ने तनुश्री दत्ता का नाम लिए बिना कहा कि जिस मामले को बार-बार चर्चा में लाया जा रहा है, वह पहले ही न्यायिक प्रक्रिया से गुजर चुका है। उनका कहना था कि समय बीतने के बावजूद सच नहीं बदलता।
पुराने विवाद पर मल्हार ने क्या कहा?
मल्हार पाटेकर ने बातचीत के दौरान पुराने विवाद पर ज्यादा विस्तार से बात करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों के बारे में कुछ नहीं कहना चाहते और सभी के लिए अच्छे की कामना करते हैं।
उनकी इस प्रतिक्रिया को वर्ष 2018 में सामने आए Tanushree Dutta-Nana Patekar controversy से जोड़कर देखा जा रहा है। उस समय तनुश्री दत्ता ने फिल्म Horn OK Pleassss की शूटिंग से जुड़े एक मामले में नाना पाटेकर पर गंभीर आरोप लगाए थे।
बाद में यह मामला भारत में #MeToo आंदोलन के दौरान एक बार फिर सुर्खियों में आया था।
परिवार को लेकर सोशल मीडिया की चर्चाओं पर भी बोले
मल्हार ने अपने माता-पिता नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर परिवार की तस्वीरें कम दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि परिवार के सदस्यों के बीच संबंध नहीं हैं। मल्हार के मुताबिक वह एक प्यार करने वाले परिवार में बड़े हुए हैं और उनके माता-पिता ने उन्हें अच्छा बचपन दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तों की वास्तविक स्थिति को बाहर से देखकर समझना आसान नहीं होता।
नाना पाटेकर के आखिरी दिनों पर भी किया खुलासा
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके आखिरी दिनों को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आईं। मल्हार ने ऐसी चर्चाओं पर सफाई देते हुए कहा कि उनके पिता अकेले नहीं थे।
उनके मुताबिक परिवार का कोई न कोई सदस्य लगातार नाना पाटेकर के साथ मौजूद रहता था और उनकी देखभाल करता था।
मल्हार ने यह भी बताया कि नाना आखिरी समय तक सक्रिय रहने की कोशिश करते थे और फिटनेस को लेकर काफी गंभीर थे।
सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने की बात
मल्हार ने अपने पिता के सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किसानों की मदद और शिक्षा से जुड़े कामों सहित कई सामाजिक गतिविधियां नाना पाटेकर के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी थीं।
उनके मुताबिक इन कामों से नाना को संतुष्टि मिलती थी और पिता के जाने के बाद इन कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाना परिवार के लिए महत्वपूर्ण है।
फिल्मों में अलग-अलग किरदार करना चाहते थे नाना
मल्हार के अनुसार नाना पाटेकर एक ही तरह के किरदारों में बंधकर काम करने के पक्ष में नहीं थे। वह लगातार कुछ नया करने की कोशिश करते थे।
अपने लंबे फिल्मी करियर में नाना ने परिंदा, क्रांतिवीर, अग्निसाक्षी, अब तक छप्पन, अपहरण, वेलकम और राजनीति जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं।
