झोटा हत्याकांड में CBI जांच के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान
परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को ऐलान किया कि परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए इस मामले की जांच CBI को सौंपी जाएगी। झोटा की हत्या के बाद से ही परिवार और सामाजिक संगठनों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी।
क्या है पूरा झोटा हत्याकांड?
मानसा जिले के परमिंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अपनी सक्रियता को लेकर चर्चा में थे। 13 अक्टूबर को उन पर गोली चलाए जाने की घटना सामने आई थी। उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। कई सामाजिक संगठनों और किसान-मजदूर संगठनों ने घटना के खिलाफ आवाज उठाई।
15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान
झोटा हत्याकांड के विरोध में किसान और मजदूर संगठनों ने 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की थी।
इस दौरान मृतक के परिवार की ओर से भी CBI जांच की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी।
भीम सिंह ने उठाए थे प्रशासन पर सवाल
परमिंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने बेटे की हत्या के बाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के DGP से जवाबदेही की मांग की थी।
भीम सिंह ने मामले की जांच CBI से कराने की मांग भी रखी थी। अब मुख्यमंत्री की ओर से CBI जांच का ऐलान किए जाने के बाद परिवार की इस मांग को स्वीकार किया गया है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है
इस मामले में पंजाब पुलिस और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर कथित मुख्य शूटर को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी सालासर बालाजी मंदिर के नजदीक एक धर्मशाला में पहचान छिपाकर रह रहा था।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का फैसला सामने आया है।
अब CBI जांच में क्या सामने आएगा?
पंजाब सरकार के ऐलान के बाद अब जांच के औपचारिक रूप से CBI को ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। केंद्रीय एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों, आरोपों और उपलब्ध सबूतों की जांच कर सकती है।
फिलहाल सरकार की ओर से CBI जांच सौंपने की घोषणा की गई है और केंद्रीय एजेंसी द्वारा औपचारिक रूप से केस संभालने की पुष्टि का इंतजार है।
