पनबस-PRTC कर्मचारियों को लेकर मान सरकार का बड़ा फैसला, 29 अक्टूबर को होगी समीक्षा बैठक
पंजाब रोडवेज पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों की मांगों को लेकर भगवंत मान सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं पर चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री के निर्देशों के बाद 29 अक्टूबर 2026 को पनबस के ठेका कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक प्रस्तावित की गई है। इस बैठक में कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया जाएगा।
नियमितीकरण के मुद्दे पर होगी चर्चा
बैठक के प्रमुख एजेंडे में पीआरटीसी की तर्ज पर पनबस के ठेका कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नियमों को अंतिम रूप देने का विषय शामिल है।
इसके अलावा ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) एक्ट, 2026’ के तहत पनबस में काम कर रहे पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध व्यवस्था में लाने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की जाएगी।
कर्मचारियों पर दर्ज मामलों को लेकर भी चर्चा
पिछले कर्मचारी संघर्षों के दौरान परिवहन कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों को वापस लेने का मुद्दा भी बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया है।
हरपाल सिंह चीमा ने विभाग को यूनियन की जायज मांगों पर परिणामोन्मुखी कार्रवाई करने को कहा है।
30 मई की कट-ऑफ के आधार पर रिकॉर्ड की जांच
पनबस प्रबंधन ने राज्य के सभी डिपो प्रबंधकों को पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों के दस्तावेजों और सेवा रिकॉर्ड की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के मुताबिक 30 मई 2026 की कट-ऑफ तारीख के आधार पर पांच वर्ष तक की सेवा वाले पात्र कर्मचारियों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाना है।
डिपो प्रबंधकों को 26 अक्टूबर 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 29 अक्टूबर की मंत्रीस्तरीय समीक्षा बैठक से पहले पूरी जानकारी उपलब्ध हो सके।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिकॉर्ड की जांच में देरी, लापरवाही या किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
यूनियन प्रतिनिधियों ने रखीं मांगें
बैठक में पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब 25/11 की ओर से रेशम सिंह गिल, शमशेर सिंह, हरकेश कुमार, बलविंदर सिंह राठ, जतिंदर सिंह और प्रदीप कुमार ने कर्मचारियों की समस्याएं और मांगें मंत्री के सामने रखीं।
