Kewal Singh Dhillon Challenges Arvind Kejriwal Over Teerth Yatra Scheme
पंजाब में स्लीपर बसों और बुजुर्गों की तीर्थयात्रा से जुड़ी योजनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी सामने आई है। भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए तीर्थयात्रा योजना को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
ढिल्लों ने दिल्ली की तीर्थयात्रा योजना का हवाला देते हुए पूछा कि अगर दिल्ली में भाजपा सरकार ने तीर्थयात्रा योजना बंद नहीं की है तो पंजाब में इस योजना को लेकर अलग स्थिति क्यों बताई जा रही है।
केजरीवाल के दावों पर उठाए सवाल
केवल सिंह ढिल्लों ने अरविंद केजरीवाल के बयानों को लेकर कहा कि स्लीपर बसों और तीर्थयात्रा योजना के मुद्दे को राजनीतिक बहस बनाने के बजाय यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो रही है।
स्लीपर बसों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया
भाजपा अध्यक्ष ने स्लीपर बसों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि ऐसी कार्रवाई सिर्फ पंजाब में नहीं बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी हुई है।
ढिल्लों के मुताबिक, एक साल के दौरान देशभर में करीब 1,000 बसों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इसलिए इस पूरे मामले को सिर्फ पंजाब से जोड़ना उचित नहीं होगा।
बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर जोर
ढिल्लों ने कहा कि धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय होना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार से यात्रियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर बुजुर्गों की सुविधा और सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
पंजाब के ट्रांसपोर्टरों का भी उठाया मुद्दा
भाजपा नेता ने पंजाब के स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हितों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के बस संचालकों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ढिल्लों ने दावा किया कि दूसरे राज्यों के बस संचालकों को प्राथमिकता देने से पंजाब के स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
‘No Politics, Safety First’ का संदेश
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि तीर्थयात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। खासतौर पर बुजुर्ग यात्रियों के मामले में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हित भी सुरक्षित रहें।
पंजाब की राजनीति में बढ़ सकती है बहस
स्लीपर बसों पर कार्रवाई, पंजाब के ट्रांसपोर्टरों के हित और तीर्थयात्रा योजना जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
फिलहाल, केवल सिंह ढिल्लों ने इन मुद्दों पर अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए सरकार से बुजुर्ग तीर्थयात्रियों और पंजाब के ट्रांसपोर्टरों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की है।
