PM Kisan 24th Installment: किसानों के लिए पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, MSP और खाद पर कही ये बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों और पशुपालकों के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। इस मौके पर उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की और कहा कि उनकी सरकार छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल, MSP, खाद की कीमतों और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद की कीमतें बढ़ने के बावजूद भारतीय किसानों पर इसका अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया गया।
छोटे किसानों को आर्थिक सहायता देना सरकार की प्राथमिकता
पीएम मोदी ने कहा कि देश में 85 प्रतिशत से ज्यादा किसान छोटे किसान हैं। लंबे समय तक उनकी जरूरतों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली, लेकिन मौजूदा सरकार ने उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान दिया है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य छोटे किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
खाद की बढ़ती कीमतों का किसानों पर नहीं पड़ने दिया असर
प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में पैदा हुई चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फर्टिलाइजर और यूरिया की कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकार ने भारतीय किसानों को राहत देने का प्रयास किया।
पीएम मोदी ने कहा कि खेती की लागत को नियंत्रित रखना जरूरी है, ताकि किसानों की आमदनी और कृषि उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
MSP के जरिए गेहूं और धान किसानों को मिला बड़ा भुगतान
प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान की खरीद के लिए किसानों के खातों में MSP के रूप में 24 लाख करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
26 करोड़ से ज्यादा Soil Health Cards से खेती को नई दिशा
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की भूमिका पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने सॉइल हेल्थ कार्ड योजना को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि पहले किसानों को यह समझने में परेशानी होती थी कि उनकी जमीन को किस प्रकार की खाद और कितनी मात्रा में पोषक तत्वों की जरूरत है। सॉइल हेल्थ कार्ड के जरिए अब मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त करना आसान हुआ है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध हैं। इससे किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने में मदद मिल रही है।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन से देसी नस्लों को मिलेगा संरक्षण
पीएम मोदी ने पशुपालन क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बताते हुए राष्ट्रीय गोकुल मिशन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत देसी पशु नस्लों के संरक्षण और वैज्ञानिक प्रजनन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बनासकांठा में स्थापित किए जा रहे अनुसंधान केंद्र से इस दिशा में और मदद मिलने की उम्मीद है।
दो Bio-CNG प्लांट से गोबर का होगा बेहतर इस्तेमाल
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में दो बायो-CNG प्लांट की आधारशिला रखने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालन को केवल पारंपरिक गतिविधि तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे किसानों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने का माध्यम बनाना चाहती है।
इन परियोजनाओं के माध्यम से पशुओं से मिलने वाले गोबर का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकेगा।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
कृषि और विकास परियोजनाओं के अलावा प्रधानमंत्री ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोगों को देश का विकास अच्छा नहीं लग रहा है। पीएम ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं।
बनासकांठा का यह कार्यक्रम कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को लेकर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।
