अपने पुराने हॉकी मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व करना हरमनप्रीत सिंह के लिए गर्व का पल है।
जालंधर, 1 नवंबर: भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लिए जालंधर का ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम सिर्फ एक खेल मैदान नहीं, बल्कि उनके हॉकी करियर की शुरुआत से जुड़ी खास जगह है। हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान यहां खेलने को उन्होंने गर्व और भावनाओं से जुड़ा अनुभव बताया।
हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि जिस मैदान पर उन्होंने हॉकी की शुरुआत की थी, उसी मैदान पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के उत्साह की तारीफ करते हुए कहा कि लोगों की भारी भीड़ और समर्थन से खिलाड़ियों को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है।
भारतीय कप्तान के मुताबिक, अपने परिवार और परिचित लोगों के बीच खेलना इस टूर्नामेंट को और भी खास बना रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पहली बार इस स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन होना राज्य के लिए गर्व का विषय है।
टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी अच्छी लय में हैं। जापान के खिलाफ पिछला मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें टीम ने शुरुआती तीन क्वार्टर तक धैर्य और संतुलन बनाए रखा। हालांकि इस दौरान गोल नहीं हुआ, लेकिन भारत ने विपक्षी टीम को भी बढ़त बनाने से रोके रखा। आखिरी क्वार्टर में खिलाड़ियों ने आक्रामकता बढ़ाई।
अब भारतीय टीम की नजर मलेशिया के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले पर है। हरमनप्रीत ने बताया कि दोनों देशों ने तीन-तीन जीत दर्ज की हैं और अगला मैच पूल में पहले स्थान के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम विरोधी की रणनीति को समझने के साथ अपनी तैयारियों और मजबूत पक्षों पर ध्यान दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि मलेशिया के खिलाफ पिछले मुकाबलों से टीम को काफी कुछ सीखने को मिला है। हर मैच से अनुभव हासिल करना और उसी के अनुसार अपनी तैयारी करना जरूरी है।
जालंधर में हॉकी को मिल रहे समर्थन पर खुशी जाहिर करते हुए हरमनप्रीत ने बताया कि उनके दोस्त उन्हें लगातार स्टेडियम की भीड़ और बाहर इंतजार कर रहे लोगों के वीडियो भेज रहे हैं। उनके अनुसार, यह नजारा पंजाब के लोगों की हॉकी के प्रति दीवानगी को दर्शाता है।
पंजाब पुलिस में डीएसपी के रूप में सेवाएं दे रहे हरमनप्रीत ने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ स्टेडियम पहुंचें और भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को मैदान में आकर खिलाड़ियों को देखना चाहिए, ताकि वे भी खेलों को अपनाने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित हों।
