नेहा बोरा की टिप्पणियों को लेकर बीजेपी, सपा सांसद राजीव राय और प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
नेहा बोरा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। मंदिरों में महिलाओं की सुरक्षा, पुजारियों और ब्राह्मण महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं। लेकिन इस बार प्रतिक्रिया केवल बीजेपी तक सीमित नहीं रही। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय और शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी उनके बयान से असहमति जाहिर की है।
वीडियो में नेहा बोरा महिलाओं के खिलाफ अपराधों और धार्मिक स्थलों पर यौन हिंसा के मुद्दों का उल्लेख करती दिखाई देती हैं। इसके बाद धार्मिक परंपराओं, जातिगत पहचान और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।
पुराने वीडियो ने फिर बढ़ाई राजनीतिक हलचल
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में नेहा बोरा कथित तौर पर ब्राह्मणवादी व्यवस्था की आलोचना करती हैं। वह महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा का जिक्र करते हुए उन्नाव और कठुआ जैसी घटनाओं का उदाहरण देती हैं।
हालांकि, वीडियो को पुराना बताया जा रहा है और इसकी मूल रिकॉर्डिंग की तारीख स्पष्ट नहीं है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे साझा किया, जिसके बाद राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
बीजेपी नेताओं ने धार्मिक भावनाओं का मुद्दा उठाया
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा की टिप्पणियों को हिंदू विरोधी सोच से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने बोरा को राहुल गांधी से जुड़े विपक्षी राजनीतिक अभियान का प्रमुख चेहरा बताते हुए सवाल खड़े किए।
बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने भी बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुजारियों और धार्मिक परंपराओं के बारे में इस तरह की व्यापक टिप्पणी करना उचित नहीं है। बीजेपी नेताओं ने इस मामले को धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बनाया है।
राजीव राय बोले- पूरे समुदाय को एक नजर से देखना गलत
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने किसी जाति, धर्म या समुदाय के सभी लोगों को एक जैसा मानने पर सवाल उठाया।
उनका कहना था कि हर समुदाय में अलग-अलग तरह के लोग होते हैं। किसी व्यक्ति के व्यवहार या किसी एक घटना के आधार पर पूरे समाज को दोषी ठहराना सही नहीं है। इस तरह की सामान्यीकरण वाली सोच से बचने की जरूरत है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कट्टर सोच पर जताई चिंता
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने नेहा बोरा की टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विचारधारा में मौजूद कट्टर सोच समाज के लिए नुकसानदायक हो सकती है, चाहे वह वामपंथ हो या दक्षिणपंथ।
प्रियंका चतुर्वेदी ने सामाजिक समस्याओं को केवल जाति और धर्म के आधार पर देखने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने नेहा बोरा से बातचीत करने की इच्छा जताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें अपनी बात समझाना चाहेंगी।
महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक संस्थाओं पर भी चर्चा
इस पूरे मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर बहस छेड़ दी है। एक ओर बीजेपी नेता नेहा बोरा की टिप्पणियों को धार्मिक परंपराओं पर टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वीडियो में उठाए गए महिला सुरक्षा और अपराधों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है।
सपा और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं की प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट है कि नेहा बोरा की टिप्पणियों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों में भी असहमति सामने आई है। फिलहाल सोशल मीडिया पर यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
