पंचकूला स्कूल मारपीट मामले में घायल बच्ची को आठ दिन बाद PGI से छुट्टी मिली।
पंचकूला के सेक्टर-20 सरकारी स्कूल में हुई मारपीट की घटना में घायल 6 साल की बच्ची आखिरकार अस्पताल से घर लौट आई है। चंडीगढ़ के PGI में आठ दिन तक इलाज चलने के बाद 4 नवंबर को डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी। बच्ची के परिवार के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। दूसरी ओर, घटना के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
बताया गया है कि 28 अक्टूबर को स्कूल में कक्षा 3 के एक 8 वर्षीय छात्र पर बच्ची के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। इस घटना में बच्ची को गंभीर चोटें आई थीं। शुरुआत में उसे पंचकूला के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ PGI में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों की निगरानी में हुआ उपचार, अब घर पर होगी देखभाल
PGI में बच्ची का आठ दिनों तक उपचार चला। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। हालत में सुधार आने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल से घर पहुंचने के बाद अब परिवार को उम्मीद है कि बच्ची धीरे-धीरे इस घटना के असर से उबर सकेगी और अपनी सामान्य दिनचर्या शुरू कर पाएगी।
प्रधानाचार्य, शिक्षक और चौकीदार पर दर्ज हुआ केस
घटना के बाद बच्ची के परिवार ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए। परिजनों का आरोप था कि स्कूल परिसर में घटना होने के बावजूद उन्हें समय पर बच्ची की स्थिति की जानकारी नहीं दी गई।
पुलिस ने कथित लापरवाही के मामले में स्कूल की प्रधानाचार्य, कक्षा प्रभारी और चौकीदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके अलावा हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य और दो जेबीटी शिक्षकों को निलंबित किया था।
बाल अधिकार आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। हरियाणा सरकार ने जांच के लिए समिति बनाई और स्कूलों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
घटना के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि स्कूलों में बच्चों की निगरानी कैसे की जाती है और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में अभिभावकों को सूचना देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
बच्ची की पढ़ाई नहीं रुकेगी, समाजसेवी ने की मदद की घोषणा
इलाज के बाद बच्ची की शिक्षा को लेकर भी एक अच्छी खबर सामने आई है। समाजसेवी अनिल थापर ने उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि बच्ची की शिक्षा पूरी होने तक वह उसका खर्च उठाएंगे।
इस मदद से परिवार को बच्ची की आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहारा मिलने की उम्मीद है।
घटना ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े किए बड़े सवाल
पंचकूला की इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की निगरानी तथा किसी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की व्यवस्था कितनी मजबूत है, यह सवाल फिर चर्चा में है।
फिलहाल बच्ची PGI से छुट्टी मिलने के बाद अपने परिवार के साथ घर पर है। अब उसके स्वस्थ होने और दोबारा पढ़ाई शुरू करने की दिशा में परिवार की उम्मीदें जुड़ी हैं।
