शव के टिश्यू जमने से पोस्टमार्टम में परेशानी आई, पिता ने SSP के तबादले की मांग की।
मानसा के परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही बड़ी तकनीकी परेशानी सामने आ गई। झोटा का शव करीब 25 दिन तक माइनस 20 डिग्री तापमान पर रखा गया था। अत्यधिक ठंड के कारण शरीर के टिश्यू जमकर सख्त हो गए हैं। शुक्रवार को PGI में पोस्टमार्टम की तैयारी के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञों को ब्लेड चलाने में भी दिक्कत आई।
अंदरूनी अंगों की जांच करना भी आसान नहीं
शव के टिश्यू जमने के कारण सामान्य सर्जिकल ब्लेड से चीरा लगाना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों के सामने ब्लेड के फिसलने और हाथ में चोट लगने का खतरा भी है।
पोस्टमार्टम में शरीर के अंदरूनी अंगों को खोलकर उनकी स्थिति की जांच करना जरूरी होता है, लेकिन टिश्यू कठोर होने के कारण यह प्रक्रिया भी चुनौतीपूर्ण बन गई है। फोरेंसिक टीम ने पहले शव की स्थिति का आकलन किया और फिर अधिकारियों को तकनीकी समस्याओं की जानकारी दी।
गुरुवार रात PGI लाया गया शव
परविंदर सिंह झोटा का शव गुरुवार रात करीब तीन बजे PGI पहुंचा था। शुक्रवार सुबह से पंजाब पुलिस, चंडीगढ़ पुलिस, CBI और SDM की टीमें पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराने के लिए मौजूद थीं।
इसके बावजूद दोपहर एक बजे तक पोस्टमार्टम शुरू नहीं हो सका। विशेषज्ञों की टीम शव की स्थिति और सुरक्षित प्रक्रिया को लेकर विचार कर रही थी।
13 अक्टूबर को हुई थी परविंदर झोटा की हत्या
परविंदर सिंह झोटा मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट थे। 13 अक्टूबर को दिनदहाड़े उन्हें गोली मार दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया था।
घटना के बाद परिवार ने इंसाफ की मांग को लेकर धरना और संघर्ष शुरू किया। मामले में बढ़ते दबाव के बीच पंजाब सरकार ने जांच CBI को सौंप दी।
मुआवजे और नौकरी पर सरकार से बनी सहमति
झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे संघर्ष के 23वें दिन पंजाब सरकार और एक्शन कमेटी के बीच सहमति बनी थी। इसके तहत परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी देने का भरोसा दिया गया। दलजीत सिंह भम्मे के परिवार के लिए भी नौकरी और मुआवजे का आश्वासन दिया गया।
गुरुवार को धरने के 24वें दिन लक्खा सिधाना और मोहनजीत शेरो को नाभा जेल से रिहा किया गया। दोनों इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार थे। इसके बाद परिवार की सहमति मिलने पर आधी रात को शव PGI भेजा गया।
भीम सिंह ने अन्न-जल त्यागकर रखी नई मांग
इस बीच परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने अंतिम संस्कार से पहले SSP का तबादला करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस मांग को लेकर अन्न-जल त्याग दिया है।
भीम सिंह ने कहा कि उन्होंने सरकार और एक्शन कमेटी की बात स्वीकार कर ली है, लेकिन अंतिम संस्कार से पहले SSP का तबादला किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों में SSP भी शामिल हैं। फिलहाल यह परिवार की ओर से लगाया गया आरोप है।
