सर्वेक्षण रिपोर्टों के बाद AAP नेतृत्व मंत्रियों की उम्मीदवारी पर फैसला कर सकता है।
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा समेत सभी 40 मौजूदा विधायकों को फिर से चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है। लेकिन कई मंत्रियों के नाम पहली सूची से गायब हैं। ऐसे में अब सबकी निगाहें दूसरी सूची पर लगी हैं।
दो बार कराया गया विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे
पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन से पहले मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जा रही है। आम आदमी पार्टी ने मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में दो बार सर्वेक्षण करवाए हैं। इन सर्वेक्षणों के जरिए यह जानने की कोशिश की गई कि संबंधित मंत्री की क्षेत्र में कितनी पकड़ है और जनता उनके काम से कितनी संतुष्ट है।
इसके साथ ही स्थानीय मुद्दों, मंत्रियों से जुड़े विवादों, जनता के साथ उनके संपर्क और काम करने के तरीके को लेकर भी लोगों की राय जुटाई गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी हुई चर्चा
सूत्रों का कहना है कि सर्वेक्षण रिपोर्टों पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से भी राय ली है। माना जा रहा है कि इन रिपोर्टों को टिकट वितरण में अहम आधार बनाया जा सकता है। इसी वजह से कुछ मंत्रियों के टिकट कटने की संभावना भी जताई जा रही है।
हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि दूसरी उम्मीदवार सूची जल्द जारी होगी। इसमें कई मंत्रियों को दोबारा चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकता है।
पहली सूची में इन मंत्रियों को मिला मौका
AAP की पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी से उम्मीदवार बनाया गया है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम से टिकट दिया गया है। संजीव अरोड़ा फिलहाल ईडी के दर्ज मामले में गुरुग्राम की जेल में बंद हैं।
दूसरी ओर, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को पहली सूची में जगह नहीं मिली है।
आठ अन्य मंत्रियों की उम्मीदवारी भी लंबित
इनके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक, लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, डॉ. बलजीत कौर, मोहिंदर भगत, बरिंदर कुमार गोयल, हरदीप सिंह मुंडियां, तरुणप्रीत सिंह सोंद और डॉ. रवजोत सिंह भी दूसरी सूची का इंतजार कर रहे हैं।
इन मंत्रियों के नामों पर पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय समीकरणों और सर्वेक्षणों के आधार पर विचार कर सकता है। कुछ मंत्रियों के कार्यकाल में विवाद सामने आने की बात भी चर्चा में है। ऐसे में पार्टी के सामने उम्मीदवारों का चयन करते समय कई पहलुओं को ध्यान में रखने की चुनौती होगी।
2027 में वापसी के लिए समय से पहले तैयारी
पहली सूची में सभी 40 उम्मीदवार मौजूदा विधायक हैं। पार्टी ने फिलहाल अपने मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी तैयारी के लिए समय देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी से दोबारा टिकट देना भी इसी शुरुआती रणनीति का हिस्सा है।
अब दूसरी सूची से यह साफ होगा कि पार्टी कितने मंत्रियों को फिर से चुनाव मैदान में उतारती है। टिकट वितरण के इस फैसले का असर पार्टी की चुनावी रणनीति और पंजाब में उसके आगामी चुनावी अभियान पर भी पड़ सकता है।
