जगतार सिंह हवारा को तिहाड़ जेल से पंजाब की जेल में भेजने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई फरवरी 2027 तक टली।
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा को लेकर एक अहम कानूनी मामला सामने आया है। हवारा ने दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की जेल में स्थानांतरण की मांग की है, लेकिन खुफिया ब्यूरो (IB) ने इस पर सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हवारा को पंजाब भेजने से राज्य के चुनावी माहौल और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
3 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान IB की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने रिपोर्ट को गंभीर बताया। इसके बाद हवारा के वकील ने चुनाव के बाद मामले की सुनवाई करने का सुझाव दिया। अदालत ने अब अगली सुनवाई फरवरी 2027 में रखने का फैसला किया है। Live Law+2
चुनाव के दौरान हवारा के स्थानांतरण पर IB की चिंता
सुप्रीम कोर्ट में पेश रिपोर्ट में IB ने जगतार सिंह हवारा को हाई-रिस्क कैदी बताया। एजेंसी की आशंका है कि उसे पंजाब की जेल में स्थानांतरित करने से राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट में आगामी विधानसभा चुनावों पर संभावित प्रभाव का भी जिक्र किया गया है।
दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने भी स्थानांतरण का विरोध किया। उन्होंने हवारा के पुराने जेल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि उसे दूसरी जेल में भेजने से फरार होने का खतरा बढ़ सकता है। इस दौरान गृह मंत्रालय की हाई-रिस्क कैदियों के स्थानांतरण से जुड़ी एडवाइजरी का उल्लेख भी किया गया। Hindustan Times+1
वकील ने चुनाव के बाद सुनवाई का दिया सुझाव
हवारा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने अदालत में उसकी मांग का पक्ष रखा। IB की रिपोर्ट और चुनावी परिस्थितियों को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद उन्होंने सुझाव दिया कि इस याचिका पर सुनवाई तीन महीने बाद की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने रिपोर्ट को गंभीर बताते हुए मामले को फरवरी 2027 तक के लिए स्थगित कर दिया। इसका मतलब है कि फिलहाल हवारा के जेल स्थानांतरण पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। Live Law+1
हवारा पंजाब की जेल में क्यों जाना चाहता है?
जगतार सिंह हवारा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में भेजे जाने की मांग की है। उसकी ओर से बताया गया है कि वह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले का रहने वाला है और उसका परिवार भी वहीं है।
याचिका में यह दलील दी गई है कि दिल्ली में उसके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है। साथ ही, उसके जेल में अच्छे आचरण का भी उल्लेख किया गया है। हवारा की ओर से यह भी कहा गया है कि जनवरी 2004 की जेल फरारी की घटना को छोड़कर उसका जेल रिकॉर्ड अच्छा रहा है। हालिया सुनवाई की रिपोर्टों के अनुसार, अपनी वृद्ध मां से मिलने की इच्छा भी उसकी मांग के पीछे एक अहम वजह है। Live Law+2
बुड़ैल जेल से फरारी का मामला बना बड़ी चिंता
हवारा के स्थानांतरण का विरोध करते हुए सरकार ने उसके पुराने फरारी रिकॉर्ड को प्रमुख आधार बनाया है। 22 जनवरी 2004 को चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से हवारा और कुछ अन्य कैदी सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। बताया गया था कि सुरंग करीब 100 फीट लंबी थी।
इस घटना में परमजीत सिंह भेओरा, जगतार सिंह तारा और देवी सिंह के नाम भी सामने आए थे। हवारा और भेओरा को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। सरकार की ओर से इसी घटना का हवाला देते हुए कहा गया कि उसे पंजाब की जेल में भेजने से सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है। Hindustan Times+2
बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है हवारा
यह मामला 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में हुए बम धमाके से जुड़ा है। सिविल सचिवालय के प्रवेश द्वार पर हुए इस धमाके में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत कुल 17 लोगों की जान गई थी। जगतार सिंह हवारा को इसी हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था।
मार्च 2007 में ट्रायल कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, अक्टूबर 2010 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मृत्युदंड को उम्रकैद में बदल दिया था। अदालत ने निर्देश दिया था कि हवारा को जीवनभर जेल में रहना होगा। Hindustan Times+2
अब फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के रुख पर नजर
जगतार सिंह हवारा की याचिका पर अब फरवरी 2027 में सुनवाई होगी। एक तरफ हवारा की ओर से पंजाब में जेल स्थानांतरण की मांग की जा रही है, वहीं IB और सरकार की ओर से सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर आपत्तियां रखी गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय आने तक हवारा तिहाड़ जेल में ही रहेगा। अदालत के सामने अब स्थानांतरण की मांग के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर भी विचार करना होगा।
