मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में 801 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए और अगले सप्ताह 600 और नौकरियां देने की घोषणा की।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को मोहाली में 801 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं और उनके परिवारों के लिए दिवाली का तोहफा बताया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य में उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक 71,777 युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
भगवंत मान ने दावा किया कि सभी नियुक्तियां योग्यता के आधार पर हुई हैं और इसके लिए किसी से पैसे या सिफारिश नहीं ली गई। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अगले सप्ताह करीब 600 और युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
सरकारी नौकरी पाने वाले 801 परिवारों के लिए खास दिन
मोहाली में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी हासिल करना केवल एक युवा की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का अवसर होता है।
उन्होंने कहा कि 801 युवाओं ने अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनके मुताबिक, नियुक्ति पत्र इन परिवारों के लिए सम्मान, उम्मीद और बेहतर भविष्य का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने नए कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभाएं और सरकारी सेवाओं के माध्यम से पंजाब के लोगों की मदद करें।
भर्ती में भ्रष्टाचार नहीं होने का मुख्यमंत्री का दावा
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार में सरकारी नौकरियां देने के लिए न तो पैसे लिए जा रहे हैं और न ही किसी की सिफारिश को आधार बनाया जा रहा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं को चुनौती दी कि वे भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का एक भी प्रमाण सामने रखें।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरियों के लिए नकदी, राजनीतिक सिफारिश और रिश्वत का इस्तेमाल होता था। उन्होंने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाएं अदालतों में लंबे समय तक अटकी रहती थीं, जिससे कई उम्मीदवारों की पात्रता की उम्र भी निकल जाती थी।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में योग्यता को प्राथमिकता दी गई है और नियुक्तियां बिना भेदभाव के की गई हैं।
अगले हफ्ते 600 और नौकरियों का ऐलान
मुख्यमंत्री ने बताया कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पदों पर भी भर्ती की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि PSPCL में सहायक पदों के लिए करीब 600 अतिरिक्त भर्ती अवसर तैयार किए गए हैं।
उन्होंने इसे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार आगे भी नियुक्तियों का सिलसिला जारी रखेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, युवाओं को रोजगार और परिवारों को आर्थिक स्थिरता देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कांग्रेस और अकाली दल पर मुख्यमंत्री का हमला
कार्यक्रम के दौरान भगवंत मान ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की सरकारों के दौरान पंजाब के आर्थिक और सामाजिक हितों को नुकसान पहुंचा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष उनके खिलाफ आरोप लगा रहा है, लेकिन उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने अपने कामकाज को ही इन आरोपों का जवाब बताया।
अकाली दल के नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के शासनकाल में खनन जैसे लाभदायक कारोबारों में राजनीतिक लोगों का प्रभाव रहा और राज्य के संसाधनों का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।
भगवंत मान ने अकाली दल के उस पुराने दावे पर भी कटाक्ष किया, जिसमें पार्टी ने 25 साल तक पंजाब पर शासन करने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पार्टी के लिए अपने संगठन में 25 भरोसेमंद नेता तलाशना भी मुश्किल हो रहा है।
युवाओं से IAS और IPS बनने का आह्वान
नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें UPSC परीक्षा की तैयारी करने और IAS तथा IPS अधिकारी बनने का लक्ष्य रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों में भी देश की प्रशासनिक सेवाओं में ऊंचे पदों तक पहुंचने की क्षमता है। इसके लिए सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उत्कृष्ट संस्थान विकसित करने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं को डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी बनने के बड़े सपने देखने चाहिए। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं को सीमित न रखने की बात कही।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
भगवंत मान ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब स्कूली शिक्षा के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य ने इस क्षेत्र में केरल को भी पीछे छोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और उसकी आर्थिक या सामाजिक पृष्ठभूमि उसके भविष्य के रास्ते में बाधा न बने।
खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने की योजना का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सिंचाई व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में नहरों के नेटवर्क को मजबूत किया गया है और उन खेतों तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जहां लंबे समय से नहरी पानी नहीं पहुंचता था।
भगवंत मान के मुताबिक, नहरी व्यवस्था के जरिए अब लगभग 18,000 क्यूसेक पानी खेतों तक पहुंच रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे कई इलाकों में भूजल पर निर्भरता कम हुई है और कुछ क्षेत्रों में जलस्तर एक से पांच मीटर तक ऊपर आया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के जल संसाधनों को बचाने के लिए नहरी सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक स्रोत मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए भूजल संरक्षण में मदद मिलेगी।
खेलों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब की खेल परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए विश्वस्तरीय खेल ढांचे पर काम किया जा रहा है।
उनका कहना था कि खेल युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं और उन्हें नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में काम जारी रखेगी। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से पंजाब की जनता की सेवा ईमानदारी और समर्पण से करने की अपील की।
