परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में संघर्ष कमेटी ने पंजाब बंद की अपील की।
पंजाब में 15 अक्टूबर को बंद का आह्वान किया गया है। यह कॉल मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में चल रहे संघर्ष के बीच दी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मानसा में गठित संघर्ष कमेटी ने पंजाब बंद का ऐलान करते हुए लोगों से आंदोलन का समर्थन करने और इसे सफल बनाने की अपील की है।
15 अक्टूबर को पंजाब बंद की कॉल क्यों दी गई?
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर मानसा में विरोध प्रदर्शन और संघर्ष जारी है। इसी क्रम में गठित एक्शन कमेटी ने अपनी मांगों को लेकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। कमेटी का कहना है कि मामले में कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग
संघर्ष कमेटी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) के इस्तीफे की मांग की है। इसके अलावा, कमेटी ने हत्या के मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है।
कमेटी की प्रमुख मांगों में परविंदर सिंह झोटा का पोस्टमार्टम PGI में करवाना और पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच करवाना भी शामिल है।
लोगों से बंद में शामिल होने की अपील
संघर्ष कमेटी ने पंजाब के लोगों से 15 अक्टूबर के बंद को सफल बनाने के लिए आगे आने की अपील की है। जो लोग मानसा पहुंच सकते हैं, उन्हें वहां चल रहे संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
ग्रामीण मजदूर यूनियन पंजाब ने भी बंद के आह्वान का समर्थन करते हुए लोगों से सहयोग करने की अपील की है।
पंजाब में क्या-क्या बंद रहेगा?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बंद के दौरान बाजार, दुकानें, स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, बस सेवाएं या अन्य संस्थान बंद रहेंगे या नहीं। इसलिए आम लोगों को किसी भी यात्रा, काम या जरूरी गतिविधि की योजना बनाने से पहले संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचना देखनी चाहिए।
क्या बंद का असर पूरे पंजाब में पड़ेगा?
बंद का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि विभिन्न जिलों में स्थानीय संगठनों और लोगों की भागीदारी कितनी रहती है। संघर्ष कमेटी ने अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की है, लेकिन बंद की वास्तविक स्थिति और सेवाओं पर असर की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
