Jantar Mantar Protest: CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी-केजरीवाल का हमला, जानें पूरा मामला
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और CJP नेताओं की गिरफ्तारी का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद राहुल गांधी ने उनकी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी CJP नेताओं की हिरासत को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए CJP नेताओं की हिरासत पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा फहराना अपराध नहीं है।
राहुल गांधी के मुताबिक, देश में अलग-अलग समूह अपने-अपने बैनर के साथ प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन नागरिकों की संवैधानिक अधिकारों की मांग एक साझा मुद्दा है।
उन्होंने जंतर-मंतर को जनता के विरोध का स्थान बताते हुए इसे फिर से हासिल करने की बात कही।
केजरीवाल ने भी कार्रवाई पर उठाया सवाल
इस पूरे मामले पर अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत में राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध है।
केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत के बाद सामने आई है।
पुलिस ने किन धाराओं में कार्रवाई की?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आशुतोष रांका और सौरव दास के खिलाफ कई आरोपों के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, शांति बनाए रखने वाले बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन और सरकारी कर्मचारी को उसके आधिकारिक काम में बाधा पहुंचाने से संबंधित आरोप शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों नेताओं ने पहले एक साल तक शांति बनाए रखने के बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए थे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन क्यों नहीं?
जंतर-मंतर को हाल ही में विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थान के रूप में डि-नोटिफाई किए जाने के बाद प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ा है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन और रैलियों के लिए अब कुछ वैकल्पिक स्थानों की पहचान की गई है। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान शामिल हैं।
एक समिति ने नागरिकों के विरोध के अधिकार को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थलों की पहचान करने की सिफारिश की थी।
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत का जिक्र करते हुए सरकार पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की और आपातकाल की घोषणा से जुड़ी तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की।
मामला अब राजनीतिक रंग ले रहा
CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत के बाद मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है। राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया के बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन और विरोध के अधिकार को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
अब इस मामले में आगे होने वाली न्यायिक प्रक्रिया और सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
