फ्रांस यात्रा को लेकर हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को अनुमति दे दी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक खींचतान के बीच हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी है।
इस मामले में केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाए थे। वहीं पंजाब सरकार ने केंद्र के रुख को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी विदेश यात्राएं कर चुके हैं और उन्हें मंजूरी मिलती रही है।
केंद्र ने क्यों रोकी थी मंजूरी?
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। केंद्र की ओर से कहा गया कि पंजाब सरकार ने खुद मुख्यमंत्री को देश और विदेश में खालिस्तानी संगठनों से संभावित खतरे की जानकारी दी थी।
केंद्र ने यह भी दलील दी कि फ्रांस की ओर से मुख्यमंत्री को कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। ऐसे में फ्रांस में आधिकारिक प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
फ्रांस में कार्यक्रम को लेकर भी सुरक्षा चिंता
केंद्र ने फ्रांस में होने वाले खाद्य व्यापार मेले का भी उल्लेख किया। सरकार के मुताबिक, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है और ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त इंतजाम जरूरी होंगे।
पंजाब सरकार ने दिया विदेश यात्राओं का हवाला
पंजाब सरकार ने केंद्र की आपत्तियों का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा कर चुके हैं।
राज्य सरकार के मुताबिक, अगर मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंता है तो केंद्र और फ्रांस के अधिकारियों के बीच समन्वय करके सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है। पंजाब सरकार ने यह भी सवाल उठाया कि पहले विदेश यात्राओं को मंजूरी देने के बाद फ्रांस यात्रा के मामले में अलग रुख क्यों अपनाया गया।
हाईकोर्ट के फैसले से भगवंत मान को राहत
केंद्र और पंजाब सरकार की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी।
अदालत ने कहा कि इस मामले में विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा। अब हाईकोर्ट के विस्तृत आदेश पर सबकी नजर है, जिससे यात्रा को लेकर आगे की स्थिति और स्पष्ट होगी।
