Punjab Hockey World Cup 2030
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन के साथ पंजाब एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हॉकी के नक्शे पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है। जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता को देखने के लिए हॉकी के दिग्गजों से लेकर भारतीय खिलाड़ियों के परिवारों तक बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब में पहली बार इतने बड़े स्तर का अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है। उन्होंने इसे राज्य के हॉकी प्रेमियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
पंजाब की नजर 2030 हॉकी वर्ल्ड कप पर
नितिन कोहली के अनुसार, पंजाब ने अब 2030 हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी पेश की है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकसित हो रहा खेल बुनियादी ढांचा भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने भी पंजाब के हॉकी इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया।
आठ पंजाबी खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा
भारतीय हॉकी टीम में पंजाब के आठ खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह और कृष्ण बहादुर पाठक शामिल हैं।
इन खिलाड़ियों के परिवार भी प्रतियोगिता के दौरान स्टेडियम पहुंच रहे हैं। हरमनप्रीत सिंह की पत्नी, माता-पिता और बेटियों की मौजूदगी ने टूर्नामेंट को पारिवारिक माहौल भी दिया। उनकी चार महीने की बेटी मेहर का पहली बार हॉकी मैदान पहुंचना खास चर्चा में रहा।
हार्दिक सिंह के परिवार के सदस्य भी मुकाबले देखने पहुंचे। वहीं अन्य पंजाबी खिलाड़ियों के माता-पिता और परिजन दर्शक दीर्घा से भारतीय टीम का समर्थन कर रहे हैं।
ओलंपियन और पूर्व कप्तानों ने बढ़ाई आयोजन की रौनक
तीन बार के ओलंपियन और पूर्व भारतीय कप्तान बलजीत सिंह ढिल्लों ने इस प्रतियोगिता को पंजाब की हॉकी के लिए अच्छा संकेत बताया। ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंदर और गुरबाज सिंह भी मैचों का आनंद लेते नजर आए।
मॉस्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता सुरिंदर सिंह सोढ़ी ने प्रतियोगिता के तीसरे दिन खिलाड़ियों से मुलाकात की। इसके अलावा ओलंपियन गुरजंत सिंह और गुरविंदर सिंह चांदी ने मैन ऑफ द मैच समारोह में हिस्सा लिया।
70 से ज्यादा युवा खिलाड़ी दे रहे योगदान
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के संचालन में सुरजीत हॉकी अकादमी के 70 से अधिक युवा खिलाड़ी वॉलंटियर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये युवा बॉल बॉय की जिम्मेदारी निभाने के साथ टीमों के मैदान में प्रवेश के समय राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलते हैं और अन्य व्यवस्थाओं में भी सहयोग करते हैं।
इस आयोजन से पंजाब के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय हॉकी का माहौल करीब से देखने और खेल के प्रति प्रेरित होने का अवसर मिल रहा है। राज्य में इस प्रतियोगिता को भविष्य में बड़े हॉकी आयोजनों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
