India-UK CETA: पंजाब से ब्रिटेन तक कारोबार बढ़ाने की तैयारी, अमन अरोड़ा की अहम बैठक
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने नई पहल की है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर पंजाब को ब्रिटिश कंपनियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
चंडीगढ़ स्थित इन्वेस्ट पंजाब में हुई इस बैठक में भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के तहत उपलब्ध कारोबारी अवसरों पर विशेष जोर दिया गया। बैठक की अगुवाई ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा स्मेरिग्लियो ने की। उनके साथ ब्रिटिश हाई कमीशन के व्यापार प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
CETA से पंजाब के कारोबार को मिल सकते हैं नए अवसर
भारत-यूके CETA 15 जुलाई 2026 से लागू हो चुका है। इस समझौते के तहत भारतीय निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य-शुल्क पहुंच का प्रावधान है। इससे भारतीय कारोबारियों और निर्यातकों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।
बैठक में अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब की कृषि, फूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग क्षेत्र की विशेषज्ञता ब्रिटेन की तकनीक और कारोबारी अनुभव के साथ मिलकर बेहतर परिणाम दे सकती है। उन्होंने ब्रिटिश कंपनियों को पंजाब में निवेश करने और यहां से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए आमंत्रित किया।
कृषि, ऑटो पार्ट्स और फूड प्रोसेसिंग पर नजर
बैठक में दोनों पक्षों ने उन क्षेत्रों पर चर्चा की, जहां व्यापार और निवेश की संभावनाएं अधिक हैं। इनमें कृषि आधारित कारोबार, खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स और उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकास प्रमुख रहे।
मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार की Industrial and Business Development Policy 2026 निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के उद्देश्य से लाई गई है। इसके साथ ही राज्य में FTA और Export Facilitation Cell बनाया गया है, जो विदेशी कंपनियों को व्यापार समझौतों का लाभ उठाने और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं में सहायता देगा।
युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद
बैठक में पंजाब के कुशल कार्यबल और उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने मैन्युफैक्चरिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब की कार्यबल क्षमता और कौशल विकास पहलों में रुचि दिखाई।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि पंजाब बेहतर लॉजिस्टिक्स, बाजार तक पहुंच और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराता है। उन्होंने बताया कि FTA और Export Facilitation Cell ब्रिटिश कंपनियों को नियामकीय प्रक्रियाओं, बाजार संपर्क और निर्यात प्रोत्साहन में सहायता देगा।
दोनों पक्षों के बीच आगे भी बातचीत जारी रखने और पंजाब के उद्योगों तथा ब्रिटिश कंपनियों के बीच कारोबारी बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन प्रयासों से निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बैठक में उद्योग विभाग के निदेशक जसप्रीत सिंह, पंजाब फाइनेंशियल कॉरपोरेशन की एमडी सेनू दुग्गल और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
