पंजाब इन्वेस्टर सर्कल 2.0 के तहत 28 स्टार्टअप को 1.17 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट दी गई।
पंजाब में नए कारोबार और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने ‘पंजाब इन्वेस्टर सर्कल 2.0’ की शुरुआत की है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने इस कार्यक्रम के दौरान 28 स्टार्टअप को 1.17 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट प्रदान की। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के नए विचारों को व्यवसाय में बदलने और उन्हें निवेशकों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इस कार्यक्रम का दूसरा संस्करण पहले आयोजन के चार महीने के भीतर आयोजित किया गया। इसका पहला संस्करण जुलाई 2026 में आईएनएसटी मोहाली में शुरू हुआ था। अमन अरोड़ा के अनुसार, यह मंच स्टार्टअप और निवेशकों के बीच लगातार संपर्क और सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करेगा।
पांच साल में 36 से 404 तक पहुंची स्टार्टअप की संख्या
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री ने पंजाब के स्टार्टअप क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में राज्य में स्टार्टअप की संख्या 36 थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 404 हो गई है। अब तक 222 स्टार्टअप को कुल 6.80 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब स्टार्टअप नीति-2026 के माध्यम से उद्यमियों के लिए सहायता का दायरा बढ़ाया गया है। इसके अंतर्गत पात्र स्टार्टअप को दो किस्तों में 15 लाख रुपये तक की सीड ग्रांट दी जा सकती है। साथ ही ब्याज और लीज किराये पर सब्सिडी तथा सरकारी खरीद में प्राथमिकता का भी प्रावधान है।
महिला उद्यमियों की भी मजबूत भागीदारी
अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब में आईटी सेवाओं, स्वास्थ्य, जीव विज्ञान, कृषि, खाद्य एवं पेय पदार्थ और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व महिला निदेशक कर रही हैं।
मंत्री ने युवाओं से अपने कारोबारी विचारों को बड़े स्तर पर विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को वैश्विक कंपनियां और यूनिकॉर्न बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। पंजाब के पास मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल मानव संसाधन और प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान हैं, जो नए कारोबार के विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार करते हैं।
निवेशकों के सामने 10 स्टार्टअप ने दिखाई तकनीकी क्षमता
पंजाब इन्वेस्टर सर्कल 2.0 में आयोजित निवेशक पिचिंग सत्र के दौरान 10 स्टार्टअप ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। निवेशकों और विशेषज्ञ ज्यूरी के सामने इन उद्यमों ने अपने कारोबारी मॉडल, तकनीकी समाधान और भविष्य की योजनाएं रखीं।
प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य तकनीक, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, टिकाऊ तकनीक, शिक्षा और कृषि जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे। इस दौरान स्टार्टअप को निवेशकों से सीधा संवाद करने, संभावित वित्तीय साझेदारी तलाशने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।
नवाचार प्रदर्शनी में भी उन्नत सामग्री, स्मार्ट टेक्सटाइल, टिकाऊ विनिर्माण, खाद्य एवं कृषि तकनीक, पोषण विज्ञान और एआई आधारित शिक्षा से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए गए।
जोहो से साझेदारी, 1.86 लाख रुपये तक के वॉलेट क्रेडिट
स्टार्टअप को तकनीकी और कारोबारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए ‘स्टार्टअप पंजाब’ ने ‘जोहो कॉरपोरेशन’ के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत पात्र पंजीकृत स्टार्टअप को 1.86 लाख रुपये तक के जोहो वॉलेट क्रेडिट दिए जाएंगे। इससे वे डिजिटल कारोबारी सेवाओं का इस्तेमाल कर अपने कामकाज और व्यावसायिक क्षमताओं को बेहतर बना सकेंगे।
राज्य में स्टार्टअप को सहयोग देने के लिए 25 से अधिक मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर और एक्सीलरेटर काम कर रहे हैं। इनके साथ सलाहकारों का नेटवर्क और आईआईटी रोपड़, आईआईएसईआर मोहाली, आईएसबी मोहाली, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, गडवासू तथा थापर इंस्टीट्यूट जैसे संस्थान भी जुड़े हैं।
युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि पंजाब इन्वेस्टर सर्कल स्टार्टअप को निवेशकों, औद्योगिक नेताओं और वित्तपोषण संस्थानों के साथ जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस पहल के जरिए उद्यमियों और निवेशक समुदाय के बीच संपर्क को और मजबूत किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक जसप्रीत सिंह, पंजाब वित्तीय निगम की प्रबंध निदेशक सेनू दुग्गल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
