SIR विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में इमरान खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी।
अभिनेता इमरान खान को मुंबई में SIR के विरोध में हुए प्रदर्शन में शामिल होना भारी पड़ गया है। इस मामले में उनके खिलाफ जारी भारत छोड़ो नोटिस को चुनौती देने के लिए अभिनेता ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 2 नवंबर को हुई सुनवाई में अदालत ने उनकी OCI कार्डधारक की स्थिति और प्रदर्शन में शामिल होने के फैसले पर सवाल उठाए। इसके बाद इमरान खान ने बिना शर्त माफी मांगी और भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेने का वचन दिया।
हालांकि, हाई कोर्ट ने उन्हें फिलहाल राहत देते हुए FRRO के नोटिस पर लगी रोक को 7 दिसंबर तक जारी रखा है। Live Law+2
10 अक्टूबर को मुंबई में हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे इमरान
यह पूरा मामला 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए गए थे और SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध जताया गया था। इमरान खान भी उस स्थान पर मौजूद थे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास भारत का OCI कार्ड है। प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ शिकायत की गई और मामला FRRO तक पहुंचा। इसके बाद 14 अक्टूबर को उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया। नोटिस में 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया था। अभिनेता ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। India News – The Indian Express+1
हाई कोर्ट ने पूछा- SIR से आपका क्या संबंध?
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने की। अदालत ने सवाल उठाया कि इमरान खान का SIR प्रक्रिया से सीधा संबंध नहीं है, फिर वह इस मुद्दे को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में क्यों पहुंचे?
पीठ ने OCI कार्डधारकों और भारतीय नागरिकों के अधिकारों के बीच अंतर का भी उल्लेख किया। अदालत ने अभिनेता से उनकी मौजूदगी का उद्देश्य स्पष्ट करने को कहा। साथ ही यह सवाल भी उठाया कि यदि कोई भारतीय नागरिक अमेरिका में वहां के किसी राजनीतिक मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करे, तो उसके साथ कैसा व्यवहार किया जा सकता है।
अभिनेता ने कहा- आयोजकों से कोई संबंध नहीं
इमरान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने अदालत में दलील दी कि अभिनेता का प्रदर्शन के आयोजकों या उससे जुड़े समूहों से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान ने प्रदर्शन में कोई मांग नहीं रखी थी।
अभिनेता की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि वह वहां केवल यह देखने पहुंचे थे कि लोगों की आवाजाही को क्यों रोका जा रहा है और उनकी आवाजों को दबाने की स्थिति क्यों बन रही है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में वह किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। India News – The Indian Express+1
अदालत में दी बिना शर्त माफी
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अभिनेता से बिना शर्त माफी देने और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों से दूर रहने का आश्वासन देने को कहा। इसके बाद इमरान खान की ओर से अदालत में माफी पेश की गई।
अपने हलफनामे में उन्होंने भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लेने और दूसरों को भी ऐसे प्रदर्शन के लिए प्रेरित नहीं करने की बात कही। अदालत ने इस आश्वासन और माफी को रिकॉर्ड पर लिया। Live Law+2
भारत छोड़ो नोटिस पर 7 दिसंबर तक रोक
इमरान खान को फिलहाल राहत देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने FRRO के भारत छोड़ो नोटिस को स्थगित रखने का आदेश आगे बढ़ा दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिनेता को नोटिस के संबंध में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
अब मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। तब तक नोटिस पर अंतरिम रोक जारी रहेगी। इसका अर्थ यह नहीं है कि नोटिस पूरी तरह रद्द हो गया है। FRRO को अभिनेता का पक्ष सुनने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला करना होगा। India News – The Indian Express+2
OCI कार्डधारकों के अधिकारों पर फिर चर्चा
इस मामले के बाद भारत में रहने वाले OCI कार्डधारकों के अधिकारों और उनकी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि OCI कार्डधारक भारतीय नागरिक नहीं होते और उनके अधिकारों की कानूनी स्थिति अलग है।
फिलहाल इमरान खान को अंतरिम राहत मिली हुई है। 7 दिसंबर की सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि FRRO के नोटिस और अभिनेता की याचिका पर आगे क्या कार्रवाई होगी।
