मोहाली में 4 नवंबर को भारत-दक्षिण कोरिया और जापान-मलेशिया के बीच सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।
पंजाब में खेल प्रेमियों के लिए 4 नवंबर का दिन खास होने जा रहा है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबले अब मोहाली में खेले जाएंगे। ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच की मेजबानी करेगा। बुधवार को यहां दो सेमीफाइनल और पांचवें स्थान के लिए एक मुकाबला आयोजित किया जाएगा।
जालंधर में लीग चरण के मैच पूरे होने के बाद चार टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इनमें भारत, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। अब सभी टीमों की नजरें 5 नवंबर को होने वाले फाइनल में पहुंचने पर टिकी हैं।
नॉकआउट मुकाबलों का पूरा कार्यक्रम
मोहाली में बुधवार को होने वाले मुकाबलों का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। दिन की शुरुआत चीन और बांग्लादेश के बीच पांचवें स्थान के लिए होने वाले मैच से होगी।
- दोपहर 2 बजे: चीन बनाम बांग्लादेश
- शाम 4:30 बजे: जापान बनाम मलेशिया
- शाम 7 बजे: भारत बनाम दक्षिण कोरिया
जापान और मलेशिया के बीच पहले सेमीफाइनल का विजेता फाइनल में पहुंचेगा। वहीं भारत और दक्षिण कोरिया के बीच दूसरे सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने वाली टीम खिताबी मुकाबले में जगह बनाएगी। दोनों सेमीफाइनल में हारने वाली टीमों को कांस्य पदक के लिए खेलना होगा।
लीग चरण में भारत का दबदबा
भारतीय टीम ने लीग चरण में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने सभी पांच मुकाबले जीते और अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। जापान दूसरे, मलेशिया तीसरे और दक्षिण कोरिया चौथे स्थान पर रहा। चीन पांचवें तथा बांग्लादेश छठे स्थान पर रहा।
भारतीय टीम ने अब तक सबसे ज्यादा 34 गोल किए हैं। मलेशिया के नाम 17 गोल हैं, जबकि दक्षिण कोरिया और चीन ने 10-10 गोल किए हैं। जापान ने 9 और बांग्लादेश ने 2 गोल किए हैं।
हरमनप्रीत सिंह के नाम सबसे ज्यादा 9 गोल
टूर्नामेंट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह का प्रदर्शन भी चर्चा में है। वह 9 गोल के साथ खिलाड़ियों की सूची में पहले स्थान पर बने हुए हैं।
मलेशिया के अबू कमाल अजराई ने 5 गोल किए हैं। भारत के दिलप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह तथा चीन के बेनहाई चेन के नाम 4-4 गोल हैं। इसके अलावा भारत के मनदीप सिंह, अभिषेक और जुगराज सिंह ने 3-3 गोल किए हैं। दक्षिण कोरिया के डेन सुन, जापान के केंटारो फुकुदा और मलेशिया के अजीमुद्दीन भी तीन-तीन गोल कर चुके हैं।
खिताब के लिए भारत की दावेदारी मजबूत
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में भारतीय टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। भारत अब तक छह बार फाइनल में पहुंच चुका है और पांच बार खिताब जीत चुका है। एक बार टीम उपविजेता रही है।
दक्षिण कोरिया भी एक बार चैंपियन बन चुका है। जापान दो बार और मलेशिया एक बार फाइनल में पहुंचकर उपविजेता रहे हैं। इस बार भारत सातवीं बार फाइनल में जगह बनाने के लिए मैदान पर उतरेगा। जापान तीसरी बार, जबकि दक्षिण कोरिया और मलेशिया दूसरी बार फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगे।
मोहाली को पहली बार मिली अंतरराष्ट्रीय हॉकी की मेजबानी
पंजाब में पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन किया जा रहा है। लीग चरण के मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले गए। अब प्रतियोगिता के निर्णायक मुकाबले मोहाली में होंगे।
ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेले जाएंगे। 4 नवंबर को सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद 5 नवंबर को इसी मैदान पर टूर्नामेंट का फाइनल आयोजित होगा।
