AAP Leader Marriage Case Punjab
पंजाब में एक हाई-प्रोफाइल शादी अब पुलिस केस की वजह से चर्चा में है। आम आदमी पार्टी के नेता अमरिंदर सिंह मंडोफल ने अपनी पत्नी और उसके परिवार पर कथित तौर पर गलत पहचान और दस्तावेजों के जरिए शादी करने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस ने महिला समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिस शादी में राजनीतिक जगत के कई चेहरे शामिल हुए थे, उसी विवाह को लेकर अब धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं।
फरवरी में हुई थी शादी
अमरिंदर सिंह मंडोफल की शादी मनविंदर कौर के साथ 10 फरवरी 2026 को हुई थी। शिकायत के अनुसार, विवाह से पहले महिला को PCS अधिकारी और अविवाहित बताया गया था।
बाद में अमरिंदर सिंह को महिला की नौकरी, उम्र और वैवाहिक स्थिति को लेकर संदेह हुआ। शिकायत में दावा किया गया कि जानकारी जुटाने के बाद उन्हें महिला की पहले शादी हो चुकी होने और उसके 18 वर्षीय बेटे के बारे में पता चला।
दस्तावेजों को लेकर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि महिला की उम्र कम दिखाने के लिए दस्तावेजों में कथित तौर पर बदलाव किए गए थे। इसके साथ ही उसकी पेशेवर पहचान को लेकर भी गलत जानकारी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिर घर से जाने की बात सामने आई
अमरिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद महिला घर से चली गई और अपने साथ आभूषण तथा अन्य सामान ले गई। कुछ रिपोर्टों में सोने के आभूषण और नकदी ले जाने का भी उल्लेख है।
इसी शिकायत के आधार पर फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ कथित धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की।
शादी में मौजूद थे बड़े राजनीतिक चेहरे
इस मामले ने तब और ज्यादा ध्यान खींचा जब शादी समारोह में आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता शामिल होने की बात सामने आई।
रिपोर्टों के अनुसार पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंद सहित कई AAP नेताओं ने समारोह में हिस्सा लिया था।
पुलिस कर रही मामले की जांच
फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित दस्तावेजों और शादी से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में सामने आने वाले सबूत शिकायतकर्ता के आरोपों की कितनी पुष्टि करते हैं।
फिलहाल मामले में किसी आरोपी को दोषी ठहराया नहीं गया है और अंतिम स्थिति पुलिस जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
